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भाजपा ओ. बी. सी. मोर्चा ने की मंडल अध्यक्षों की घोषणा


फरीदाबाद,  28 मार्च। भारतीय जनता पार्टी ओ. बी. सी. मोर्चा  की एक आवश्यक बैठक फ़रीदाबाद स्थित  ओ. बी. सी. मोर्चा के  कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भगवान सिंह  द्वारा की गई। भारतीय जनता पार्टी फ़रीदाबाद  ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष भगवान सिंह जी ने अपने मोर्चा के जिला महामंत्री प्रवीण चौधरी मनोज बालियान , उपाध्यक्ष लक्ष्मण यादव ,मीडिया प्रभारी पवन सैनी, आई.टी. प्रमुख सोनू सैनी, बल्लभगढ़ मण्डल के अध्यक्ष कैलाश वशिष्ठ  की उपस्थिति में 9 मंडल के मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की I मोर्चे के ज़िला अध्यक्ष भगवान सिंह में बल्लभगढ़ मण्डल में नन्द किशोर वर्मा, आदर्श नगर मण्डल में जितेश प्रजापति, मुजेसर मण्डल में कपिल कुमार, बड़खल मण्डल में प्रदीप, मेवला मण्डल में ओमबीर साह, अजरौंदा मण्डल में विनोद सैनी, जवाहर कॉलोनी मण्डल में बलवीर सिंह, डबुआ मण्डल में लाखन सिंह लोधी, नंगला मण्डल में मोहित नागर को मंडल अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई I मोर्चे के ज़िला अध्यक्ष भगवान सिंह में सभी मण्डल अध्यक्षों, नियुक्ति  पत्र सौंपा। भगवान सिंह और मोर्चे के ज़िला कार्यकारिणी ने सभी नव नियुक्त मंडल अध्यक्षों को बधाई दी और कहा कि ओ. बी. सी. मोर्चा  की जिला व मंडलों की टीम मिलकर संगठन को अधिक से अधिक मजबूत करने का काम करेंगी,जिससे संगठन के विस्तार को गति मिलेगी I ओ. बी. सी. मोर्चा  के मंडलों के गठन से सरकार द्वारा बनाई गई जन कल्याणकारी और जनहित की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने में आसानी होगी । भगवान सिंह ने कहा कि शेष मण्डलों  के अध्यक्षों को नियुक्त करके मंडल की कार्यकारिणी भी जल्द से जल्द घोषित कर दी जाएगी। इस अवसर पर ज़िला और मंडल के कार्यकर्ता मौजूद रहे

निकिता तोमर हत्याकांड में गवाह तैयार करने में जुटी एसआईटी ने निकिता के माता-पिता और भाई से की पूछताछ


निकिता हत्याकांड की एसआईटी जांच शुरू हो गई है। शनिवार को टीम निकिता के घर सेक्टर-23 अपना घर सोसायटी पहुंची और मां- बाप और भाई से मुलाकात कर कई सवालों की जानकारी ली। वहीं दूसरी ओर एसआईटी टीम इस हत्याकांड से जुड़े गवाहों की सूची भी तैयार कर रही है, ताकि उनके बयान दर्ज कर जल्द से जल्द कोर्ट में चार्जशीट फाइल की जा सके। उधर सीसीटीवी कैमरे में निकिता को बचाने की कोशिश करती दिखी उसकी सहेली का कोर्ट में बयान सोमवार को दर्ज होने की संभावना है।


पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि शनिवार को एसआईटी के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे थे। टीम के सदस्यों ने अलग-अलग मां विजयवती, पिता मूलचंद तोमर और भाई नवीन तोमर से मुलाकात की और घटना की विस्तार से जानकारी ली। बताया जाता है कि टीम ने परिजनों से निकिता के घर से कॉलेज के लिए निकलने और वारदात तक के समय तक की जानकारी ली। ये पूछा कि उसके साथ कौन कौन लड़कियां साथ गई थी। कितने बजे पेपर शुरू और खत्म होना था। अमूनन निकिता कितने बजे तक घर जा जाती थी आदि सवालों के जवाब लिए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि निकिता को घटनास्थल पर बचाने का प्रयास करने वाली उसकी सहेली का सोमवार को कोर्ट में बयान दर्ज कराया जा सकता है। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है। लेकिन उसे मीडिया व अन्य लोगों से बचाकर रखा जा रहा है। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द सारे साक्ष्य और बयान दर्ज कर 10-12 दिन में चार्जशीट दायर करने की योजना बनाई है।

बताते चलें कि 26 अक्टूबर को फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में पेपर देकर लौट रही बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा 21 साल निकिता की गोली मारकर हत्या की गई थी। आरोप नूह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के चचेरे भाई तौसिफ पर लगे हैं। तौसीफ के दोस्त रेहान और एक मददगार अजरुद्दीन इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश पर एसआईटी जांच कर रही है, वहीं सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने की मंजूरी दे दी है।

दरअसल, तौसीफ निकिता से शादी करना चाहता था। इसलिए वह कॉलेज के बाहर निकिता को ले जाने के लिए उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही निकिता कॉलेज से बाहर आई, तौसीफ उसे जबरन कार में बिठाने लगा, लेकिन निकिता ने इन्कार करते हुए विरोध किया तो तौसीफ ने उसे गोली मार दी।

अरावली के जंगल में फरीदाबाद नगर निगम की जमीन बेच लोगों से पैसे लेकर भूमाफिया हो गए गायब, 30 एकड़ जमीन खाली कराई

 


दिल्ली प्रह्लादपुर बॉर्डर के पास नगर निगम की जमीन पर भू माफियाओं ने खोरी कॉलोनी बसा दी और अधिकारी सोते रहे। मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने जब सख्ती दिखाई तो अधिकारी हरकत में आए और सोमवार को करीब 1200 मकानों पर बुल्डोजर चला दिया। इन मकानों में रहने वाले परिवार अपना सामान तक नहीं निकाल पाए। लोग बच्चों को लेकर इधर-उधर भागते रहे। यह कॉलोनी करीब 25 से 30 साल पहले बसनी शुरू हुई थी। वर्तमान में लोगों ने यहां पक्के मकान बना लिए।

खास बात यह है कि कॉलोनी फरीदाबाद में बसी है और यहां के मकानों में बिजली के कनेक्शन दिल्ली से हैa। दिल्ली के कुछ माफिया चोरी से बिजली कनेक्शन देकर सब मीटर लगवा दिए। इसके बदले माफिया लोगों से 13 रुपए प्रति यूनिट की दर से पैसे वसूलते हैं। निगम अधिकारियों की मानें तो 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। अधिकारियों को अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी है। इसलिए कॉलोनी में तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूरजकुंड रोड दिल्ली के प्रह्लादपुर बॉर्डर पर अरावली के जंगल में नगर निगम की जमीन है।

आसपास बड़े-बड़े होटल और दिल्ली के नजदीक होने के कारण भू माफियाओं की नजर इस जमीन पर पड़ गई। उन्होंने यूपी, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उड़ीसा आदि राज्यों से आने वाले मजदूरों को कम पैसे में जमीन उपलब्ध कराने का लालच देकर उन्हें बसाना शुरू कर दिया। पूरी कॉलोनी करीब 150 एकड़ में बसी है। एक अनुमान के मुताबिक छोटे-छोटे करीब 8 से 10 हजार मकान यहां हैं। स्थानीयवासी जगत नारायण, चंदर, सुधीर आदि के अनुसार भू माफियाओं ने उनसे 3000 से 6000 रुपए गज की दर से जमीन बेची है। यहां 25 गज से 100 गज तक के मकान बने हैं।

आरोप - पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी ले जाते थे पैसे

उक्त लोगों ने आरोप लगाया कि भूमाफिया उनसे पैसे लेकर जमीन दिखाकर गायब हो जाते थे। जब वह मकान बनाने लगे तो पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी यहां आकर उनसे मकान बनाने के बदले पैसे ले जाते थे। लोगों ने यहां मकान तो बना लिए लेकिन मूलभूत सुविधाएं आज तक नहीं है। यहां लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड तक बने हैं।

निगम की 90 एकड़ जमीन पर है कब्जा अधिकारियों के अनुसार नगर निगम की करीब 90 एकड़ जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से मकान बना लिए हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं एनआईटी के ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत अटकान के अनुसार सोमवार सुबह 9.15 से दोपहर 2 बजे तक अभियान चलाकर करीब 1200 मकान तोड़ दिए गए। करीब 25 से 30 एकड़ जमीन खाली कराई गई। आगे भी जो अवैध कब्जे हैं उन्हें हटाया जाएगा। इस अभियान में 12 जेसीबी मशीन, एक पोकलैंड और 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने बताया इसके पहले भी करीब 13 बार निगम तोड़फोड़ कर चुका है। 18 एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी हैं।

2016 में हाईकोर्ट ने निगम के अगेंस्ट फैसला सुनाया: नगर निगम के एडवोकेट सतीश आचार्य के अनुसार नगर निगम पहले भी अवैध कब्जों को तोड़ता रहा है। लेकिन बाद में यहां के लोग पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चले गए। वर्ष 2016 में हाईकोर्ट ने निगम के अगेंस्ट फैसला सुनाया और तोड़फोड़ पर रोक लगा दी। इसके बाद निगम हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया।

मकान फरीदाबाद में, बिजली आ रही दिल्ली से: खोरी कॉलोनी फरीदाबाद की सीमा में बसी है। लेकिन यहां के मकानों में बिजली की सप्लाई दिल्ली से हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दबंग लोग उनके मकान में सब मीटर लगाकर हर माह बिजली बिल वसूलते हैं। किसी भी घर में बिजली जले न जले 600 रुपए देना होगा।

100 करोड़ रुपये की जमानत


फरीदाबाद कोर्ट ने अनिल जिंदल को इस शर्त पर जमानत दी थी कि उसे व्यक्तिगत बांड के बदले 100 करोड़ रुपये की किसी भी संपत्ति के विवरण और दस्तावेजों प्रस्तुत करने होंगे।

चंडीगढ़ में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने फरीदाबाद कोर्ट द्वारा जमानत देने केे बारे में रखी एक शर्त को रद करते हुए सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि जमानत देने के लिए ऐसी शर्त नहीं रखनी चाहिए जो संभव न हो सके और जमानत केवल कल्पना बनकर रह जाए। जज को जमानत देेते समय न्यायिक शक्ति का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए।

हाई कोर्ट के जस्टिस अरूण मोगा ने यह टिप्पणी फरीदाबाद के एक नामी बिल्डर अनिल जिंदल की जिला अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दी। फरीदाबाद कोर्ट ने जिंदल को इस शर्त पर जमानत दी थी कि उसे व्यक्तिगत बांड के बदले 100 करोड़ रुपये की किसी भी संपत्ति के विवरण और दस्तावेजों प्रस्तुत करने होंगे।

क्या है मामला 

अनिल जिंदल के खिलाफ जालसाली, धोखाधड़ी आदि धाराओं के मामला के तहत दर्ज की गई थी। उसने केवल एक प्राथमिकी के संबंध में जमानत याचिका दायर की थी। जमानत देते समय, अदालत ने प्रत्येक प्राथमिकी पर विचार किया और पाया कि लगभग 300 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला बनता है। उसी के अनुसार अदालत ने जमानत के लिए उक्त शर्त लगा दी।