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हरियाणा में लॉकडाउन को लेकर यह है ताजा अपडेट, CM खट्टर ने गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत इन 6 जिलों के लिए जारी किए आदेश (Haryana Lockdown Update)

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भी कोरोना पर काबू पाने के लिए कई प्रतिबंधों की घोषणा की है. खट्टर सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, सोनीपत और रोहतक के उपायुक्तों से जरूरत पड़ने पर धारा 144 लागू करने के लिए कहा गया है, ताकि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को काबू किया जा सके.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोरोना वायरस नियंत्रण समिति की राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, सोनीपत और रोहतक के उपायुक्तों को आवश्यकता पड़ने पर धारा 144 लागू करने के लिए कहा गया है, ताकि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को काबू किया जा सके. उन्होंने राज्य में लॉकडाउन लागू करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित छह जिलों में 'लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध' होंगे.

उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी कार्यालयों को कर्मियों की भीड़ एकत्र करने से बचना चाहिए और कर्मचारियों से 'घर से काम की संस्कृति' अपनाने को कहना चाहिए ताकि संक्रमण की श्रृंखला तोड़ी जा सके. बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने राज्य में कार्यक्रमों में लोगों के जुटने पर सख्त पाबंदी लगाते हुए भीतर और बाहर आयोजित समारोहों में 50 लोगों की अधिकतम सीमा तय की. उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए केवल 20 लोगों को अनुमति दी जाएगी. इससे पहले, खुले में सभाओं की सीमा 500 और भवन के लिए 200 थी.

उन्होंने लोगों से विवाह कार्यक्रमों को स्थगित करने के लिए कहा. उन्होंने कहा, 'अधिकारी केवल 50 लोगों की सीमा के साथ ही सभाओं की अनुमति देंगे.' मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों को संक्रमण रोगियों के लिए अपने बिस्तरों का 50 प्रतिशत आरक्षित रखने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि रोहतक के पीजीआई में 1,000 बिस्तर का इंतजाम किया गया है. खट्टर ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा के साथ अब कम से कम 2,250 बिस्तर होंगे.

खट्टर ने कहा कि उनकी सरकार ने बोकारो स्टील प्लांट से 6,000 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन का ऑर्डर दिया है, जो जल्द ही एक विशेष ट्रेन से पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि गैर-जरूरी वस्तुओं के लिए उद्योग में तरल ऑक्सीजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं को बंद कर दिया गया है. खट्टर ने कहा कि पूरे राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र के कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत उपस्थिति की अनुमति होगी.

इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि एक मई से सरकारी इकाइयों में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त में कोविड-19 टीके लगाए जाएंगे. हरियाणा में शुक्रवार को कोविड-19 से 60 मरीजों की मौत हो गई और इसके 11,854 नये मामले सामने आये.

गुरुग्राम जिला कोर्ट में कोरोना की एंट्री - महिला जज पॉजिटिव मिली


हरियाणा में अनलॉक-2 का 5वां दिन है। गुरुग्राम में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में जिला कोर्ट में भी कोरोना ने एंट्री ले ली है। एक महिला जज पॉजिटिव मिली है। उन्हें 14 दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महिला जज में कोरोना के संक्रमण दिखे थे, इसके बाद उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। उनकी रिपोर्ट अब पॉजिटिव आई है। उन्हें सेशन जज ने 14 दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग उन लोगों की जानकारी इकट्ठा कर रहा है जो महिला जज के संपर्क में आए।

गुरुग्राम में 3749 संक्रमित ने होम आइसोलेशन का नियम तोड़ा
कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन के निमय तोड़ने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग शहर छोड़कर दूसरे शहरों में चले गए। इसके चलते पुलिस ने जियो टैगिग के माध्यम से उन पर नजर रखी। 10 जून से 1 जुलाई तक 3748 नियम तोड़ चुके हैं। पुलिस अब ऐसे मरीजों पर सख्ती दिखा रही है। उन्हें फोन करके वापिस आइसोलेट होने के लिए कह रही है।

गुरुग्राम में होम आइसोलेट 1060 मरीजों से नहीं हो रहा संपर्क
पुलिस ने 10 जून से कोरोना के होम आइसोलेट मरीजों की जियो टैगिंग की थी। इसके बाद से उन पर नजर रखी जा रही है। डीसीपी मुख्यालय नीकिता गहलौत का कहना है कि 10 जून से लेकर 18 जून तक कुछ संक्रमितों ने घर से बाहर निकलने का प्रयास किया। 19 जून से मिली छूट के बाद संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन का उल्लंघन कर घर से बाहर निकले। 1060 मरीजों से संपर्क करने का प्रयास किया, जिनका फोन बंद है। उनके फोन से आरोग्य सेतु एप भी हट गया है।

अब तक 260 मरीजों की कोरोना से मौत
प्रदेश में अभी तक 260 मरीजों की मौत हुई है। अभी तक गुरुग्राम में 99, फरीदाबाद में 89, सोनीपत में 18, रोहतक व करनाल में 8-8, पानीपत व हिसार में 7, रेवाड़ी में 5, झज्जर व जींद में 4-4, पलवल, अंबाला व भिवानी में 3-3 तथा नारनौल व चरखी-दादरी में 1-1 मरीज की मौत हो चुकी है।

शनिवार को बदलेगा मौसम का मिजाज बारिश के आसार


हरियाणा में पिछले एक सप्ताह से गर्मी व उमस से बेहाल है। आगामी दो दिनों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। दो दिनों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा तो गरज के साथ बूंदाबांदी व कहीं-कहीं तेज बारिश भी होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक शुक्रवार को दोनों राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। राजधानी चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। हरियाणा के हिसार में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस रहा। नारनौल का 40.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि अंबाला में अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 3 डिग्री और करनाल का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। 

हरियाणा में एक सप्ताह पहले दक्षिण-पश्चिमी मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन पिछले चार-पांच दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे मौसम उमस भरा हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में दोनों राज्यों में कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिमी मॉनसूनी हवाओं का टर्फ हिमालय की तलहटियों व उत्तर पूर्व व पूर्वोत्तर भागों की तरफ चले जाने से उत्तरी भारत में विशेषकर हरियाणा राज्य में मानसूनी हवा कमजोर हो जाने से राज्य में मौसम गर्म और तापमान सामान्य से अधिक हो गया। परन्तु एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश में और एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम मध्य पाकिस्तान में बनने से मानसूनी हवा फिर से मैदानी क्षेत्रों की तरफ बढ़नी शुरू हुई, जिससे 29 जून रात्रि से राज्य में उत्तर पूर्व व दक्षिण हरियाणा में मौसम में हल्का बदलाव हुआ है। 

चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि हरियाणा में 4 जुलाई को कुछ हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। बूंदाबांदी व हलकी बारिश होने की संभावना है। बारिश ने उमस व गर्मी से राहत मिलने के साथ तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। यह बारिश धान के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी, इससे भूमि में नमी की मात्रा बढ़ेगी, जो फसलों के उत्पादन में सहायक साबित होगी।