मुद्रा लोन योजना (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड)


About Mudra Yojna Loan मुद्रा योजना के अंतरगत ऋण के बारे में
योजना का नाम : मुद्रा लोन योजना
पूरा नाम : माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड
योजना लांच की तारीख : 8 अप्रैल 2015
किसके द्वारा योजना शुरू की गई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
लोन राशि : 50,000 रूपये से लेकर 10 लाख तक
मुद्रा लोन पर ब्याज दर : अन्य बैंकर की ब्याज दर की तुलना में बहुत कम और सस्ती है
वेबसाइट : http://www.mudra.org.in/ पर विजिट करें|
ईमेल आईडी : help@mudra.org.in
मुद्रा लोन की भुगतान अवधि : 5 वर्ष तक बढाया जा सकता हैं( (60 tenure))
Helpline Numbers : Call – 1800 180 1111, call – 1800 11 0001
  • अगर कोई व्यक्ति अपना बिज़नेस शुरु करना चाहता हैं या फिर अपने वर्तमान बिज़नेस को आगे बढ़ाना चाहता हैं, भारत सरकार ने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए Mudra (Micro Units Development Refinance Agency) Scheme को लांच किया हैं
  • बिना गारंटी (Without Guarantee) के Loan प्रदान किये जाते हैं
  • मुद्रा योजना के तहत Loan प्रदान करने में किसी भी तरह की Processing Fees चार्ज नहीं की जाती हैं
  • मुद्रा लोन की पुनः भुगतान अवधि (Repayment Period) को 5 वर्ष तक बढाया जा सकता हैं
  • बैंक्स के द्वारा मुद्रा कार्ड्स की सुविधा, “RUPAY” (accepted in all ATM’s)
फर्जी documents पर सरकार से LOAN लेना, गलत जानकारी सरकार को देना, सरकारी कर्ज़ गैर इरादतन वापिस ना करना या लोन के पैसो का दूसरी जगह उपयोग करना, यह सब कानूनन अपराध है, जिस के लिये आवेदक को जुर्माने से जेल तक हो सकती है, और आगे भविष्य मे किसी भी सरकारी संस्था मे नौकरी मिलने, और banks से LOAN / कर्ज़ मिलने की संभावना खतम हो जाती है, कृपया सरकारी सहायताओ का दुरुपयोग ना करे|

मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण लेने के लिए योग्यता

सर्व प्रथम तो मंत्री मुद्रा बैंक योजना से लोन लेने वाला भारत का नागरिक होना चाहिये|
कोई भी भारतीय नागरिक या फर्म जो किसी भी क्षेत्र (खेती के आलावा) में अपना व्यवसाय (Business) शुरू करना चाहता हैं या फिर अपने वर्तमान व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहता हैं और उसकी वित्तीय आवश्यकता (Financial Needs) 10 लाख रूपये तक हैं वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Mudra Loan Scheme) के तहत Loan के लिए आवेदन कर सकते हैं
इसके अलावा पापड़, अचार आदि का व्‍यापार कर रही कारोबारी महिलाओं को भी इस बैंक की ओर से ऋण मुहैया कराया जायेगा. छोटी मोटी दुकान, ब्यूटी पार्लर, मैकेनिक, दर्जी, कुम्हार तथा ऐसा ही छोटा मोटा धंधा करने वालों को भी ऋण देने का प्रावधान किया गया है.
किसान भाइयो का खेती उद्योग इस योजना के अंतर्गत समाविष्ट नहीं है, पर सब्जी तरकारी और फल फ्रूट के व्यापारी अवश्य इस योजना से लाभ ले सकते है|
आवेदक (LOAN applicant) की कुशलता, उद्योग का प्रकार और उद्योग की ज़रूरत (cash requirement) को ध्यान मे रखते हुए LOAN sanction होगा या नहीं यह निर्णय लिया जाता है|

मुद्रा लोन के प्रकार

◆ : Shishu Loan : शिशु ऋण के तहत 50,000/ – रुपये तक के ऋण दिए जाते है|
◆ : Kishor Loan : किशोर ऋण के तहत 50,000 / – रुपये के ऊपर और 5 लाख रूपए तक के ऋण दिए जाते है|
◆ : Tarun Loan : तरुण ऋण के तहत 5 लाख रूपये से ऊपर और 10 लाख रुपये तक के ऋण दिए जाते है|
◆ : मुद्रा योजना के तहत कम से कम 60% ऋण, शिशु ऋणों के रूप में दिया जाएगा|
शुरुआत में कुछ ही क्षेत्रों तक योजनाएं सीमित हैं, जैसे- “जमीन परिवहन, सामुदायिक, सामाजिक एवं वैयक्तिक सेवाएं, खाद्य उत्पाद और टेक्सटाइल प्रोडक्ट सेक्टर”। समय के साथ नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें और ज्यादा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
स्‍वामित्‍व/साझेदारी फर्म लघु-निर्माण इकाइयों के रूप में कार्यरत, दुकानदार, फल/ सब्‍जी विक्रेता, हेयर क‍टिंग सैलून, ब्‍यूटी पार्लर, ट्रांसपोर्टर, ट्रक ऑपरेटर, हॉकर, सहकारिताएं या व्‍यक्तियों का निकाय, खाद्य सेवा इकाइयां, मरम्‍मत करने वाली दुकानें, मशीन ऑपरेटर, लघु उद्योग , दस्‍तकार, खाद्य प्रसंस्‍करण करने वाले, स्‍वयं सहायता समूह,10 लाख रुपये तक की वित्‍तीय अपेक्षा रखने वाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सेवा प्रदाता आदि तथा पेशेवर व्‍यवसायों/ उद्यमों/ इकाइयों में शामिल होंगे।

जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
  •  पहचान का प्रमाण - Identity proof – पैन कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंसे, वोटर id, आधार कार्ड, पासपोर्ट
  •  निवास का सबूत -Residence proof- हाल ही का टेलीफोन बिल, बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद (2 महीने से अधिक पुराना नहीं)
  •  Cast proof - एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक का सबूत(अगर है तो)
  • Proof of business / service (which you Appling loan for)-( एड्रेस प्रूफ) - ड्राइविंग लाइसेंस / पंजीकरण प्रमाणपत्र /   व्यापार इकाई के मालिकानापन, पहचान और पते से संबंधित अन्य दस्तावेजों की प्रतियां।
  •  मौजूदा बैंकर, यदि कोई हो, उसके खातों का विवरण(बैंक स्टेटमेंट) (पिछले छह महीनों के लिए)
    Note-Internet से download किया हुआ नहीं, proper bank पे जा कर या बैंक से certified कराया हुआ ब्योरा)
  •  आयकर / बिक्री कर रिटर्न आदि के साथ यूनिट के पिछले दो वर्षों की बैलेंस शीट। (2 लाख और इससे अधिक के सभी मामलों के लिए लागू)
  •  1 साल की अनुमानित बैलेंस शीट वर्किंग कैपिटल लिमिट के मामले में , अगर टर्म लोन है तो पूरी अवधि तक की अनुमानित बैलेंस शीट (2 लाख और इससे अधिक के सभी मामलों के लिए लागू)
  •  आवेदन जमा करने की तारीख तक मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त बिक्री।
  • Project Report – applicant जिस उद्योग / व्यापार / व्यवसाय के हेतु LOAN ले रहे है, उसमे कहाँ किस संसाधन की आवश्यकता है, लोन लेने से कितना अंदाजन (approx) मुनाफा होगा, और applicant कहाँ से सारे संसाधन (equipment) और सामाग्री (goods) खरीदना चाहेंगे, इन सब चीजों पर एक विस्तृत project तयार कर के documents के साथ submit करना होता है,
  •  पार्टनरशिप डीड (डॉक्यूमेंट)(पार्टनरशिप फर्म के मामले में) आदि  (भारतीय कंपनी धारे के मुताबिक registered कंपनी के सारे भागीदारों की भागीदारी का agreement)
  • Statement of asset & liability – यह लोन आवेदक (applicant) और आवेदक कंपनी companies को बिना guaranty मिलता है, इस लिये individual applicant और company applicant को मिल्कियत और ज़िम्मेदारी का ब्योरा देना आवश्यक होता है, (तीसरे पक्ष की गारंटी के अभाव में) नेट-लाईफ को जानने के लिए मांगा जा सकता है।
  •  मालिकों / पार्टनर्स के फोटो (दो प्रतियां)

लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया - STEPS TO GET LOAN


STEP 1 : आप इस लिंक से Mudra Loan Application Form डाउनलोड कर सकते हैं – https://goo.gl/B846y5
STEP 2 : Loan लेने के लिए आवेदक को सर्वप्रथम अपने आस-पास के बैंकों से संपर्क करके लोन की प्रक्रिया और Interest Rate सम्बन्धी पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए, लोन प्राप्त करने के लिए आपको एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता हैं और उसके साथ कुछ डाक्यूमेंट्स सबमिट करने होते हैं

STEP 3 : डाक्यूमेंट्स तैयार करना और एप्लीकेशन सबमिट करना
STEP 4 : Application Form Submit करने के बाद बैंक आपके डाक्यूमेंट्स की जांच करेगी, इस प्रक्रिया में कुछ दिनों का समय लग सकता हैं और Loan Processing की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आपको disbursement amount का check दे दिया जाएगा जो आवेदक के बैंक खाते मे जमा किया जाता है
ऐसे मिलेगा लोन - मुद्रा योजना के तहत लोन लेने की प्रक्रिया बेहद सरल है। आपको नजदीकी बैंक शाखा में संपर्क करना होगा। यहां आपको एक फार्म मिलेगा, जिसे भरकर जमा करना है। फार्म के आधार पर एक बार बैंक उस जगह का वेरिफिकेशन करेगा, जहां आपको काम शुरू करना है। वेरिफिकेशन होते ही सीधे लोन आपके खाते में भेज दिया जाएगा।
मुद्रा ऋण निकालने के लिए, एक आवेदक (अर्थात् एक उधारकर्ता) को पहले ऋण देने वाले अपने या अपने निकटतम बैंक की पहचान करनी होगी औरअपनी व्यापार की योजना के साथ व्यक्तिगत रूप से बैंक जाना होगा। ऋण आवेदन को एक व्यापक व्यापार की योजना, पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट तस्वीरों के साथ जमा करना होगा। एक बार सभी डॉक्यूमेंटेशन पूरी हो जाने के बाद, बैंक व्यापार की योजना और जरूरत की समीक्षा करेंगे। स्वीकृत होने पर, बैंक से ऋण मंजूर होगा।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के किस दिशा में क्या होना चाहिए


जानिये वास्तु (vastu)में दिशाओं का महत्व :
Vastu Shastra for Bedroom, Kitchen, toilet and home – आपका घर वास्तु शास्त्र के अनुसार बना हुवा हो तो घर में सुख और धन की प्रप्ति होती है। आपके जीवन से परेशानिया दूर रहती हैं। आज हम आपको बताते है की आपके भवन का मुख्य दरवाजा, बैडरूम, पूजा घर, किचन और टॉयलेट किस दिशा (Vastu Shastra for Bedroom, Kitchen, toilet) में होना चाहिए। आपकी तिजोरी और अलमारी कहा होनी चाहिए। वास्तुशास्त्र के उपयोग से घर में शांति बानी रहती हैं।

Vastu Shastra for Bedroom, Kitchen, toilet and home gate in hindi :

1. पूर्व दिशा (East direction) :
★ इस दिशा के प्रतिनिधि देवता सूर्य हैं। सूर्य पूर्व से ही उदित होता है।
★ यह दिशा शुभारंभ की दिशा है। भवन के मुख्य दरवाजा को इसी दिशा में बनाने का सुझाव दिया जाता है।
★ इसके पीछे दो तर्क हैं। पहला- दिशा के देवता सूर्य को सत्कार देना और दूसरा वैज्ञानिक तर्क यह है कि पूर्व में मुखय द्वार होने से सूर्य की रोशनी व हवा की उपलब्धता भवन में पर्याप्त मात्रा में रहती है।
★ सुबह के सूरज की पैरा बैंगनी किरणें रात्रि के समय उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं को खत्म करके घर को ऊर्जावान बनाएं रखती हैं।
2.उत्तर दिशा (North direction) :
★ इस दिशा के प्रतिनिधि देव धन के स्वामी कुबेर हैं।
★ यह दिशा ध्रूव तारे की भी है। आकाश में उत्तर दिशा में स्थित धू्रव तारा स्थायित्व व सुरक्षा का प्रतीक है। यही वजह है कि इस दिशा को समस्त आर्थिक कार्यों के निमित्त उत्तम माना जाता है।
★ भवन का प्रवेश दरवाजा या लिविंग रूम/ बैठक इसी भाग (Vastu Shastra for Bedroom) में बनाने का सुझाव दिया जाता है। भवन के उत्तरी भाग को खुला भी रखा जाता है।
★ भारत उत्तरी अक्षांश पर स्थित है, इसीलिए उत्तरी भाग अधिक प्रकाशमान रहता है। यही वजह है कि उत्तरी भाग को खुला रखने का सुझाव दिया जाता है, जिससे इस स्थान से घर में प्रवेश करने वाला प्रकाश बाधित न हो।

3.उत्तर-पूर्व (North-east direction) :
★ यह दिशा बाकी सभी दिशाओं में सर्वोत्तम दिशा मानी जाती है।
★ इस कोण पर देवताओं और आध्यात्मिक शक्ति का वास रहता है। इसलिए यह घर का सबसे पवित्र कोना होता है।
★ भगवान शिव का एक नाम ईशान भी है। चूंकि भगवान शिव का आधिपत्य उत्तर-पूर्व दिशा में होता है ( Vastu Shastra for Pooja Ghar) इसीलिए इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है।
★ वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा शुभ मानी जाती हैं।
★ इन दोनों दिशाओं के मिलने वाले कोण पर उत्तर-पूर्व क्षेत्र बनता है इसी वजह से यह घर या प्लाट का यह सबसे शुभ तथा ऊर्जा के स्रोत का शक्तिशाली कोना माना जाता है।
★ यहां दैवी शक्तियां इसलिए भी बढ़ती हैं क्योंकि इस क्षेत्र में देवताओं के गुरु बृहस्पति और मोक्ष कारक केतु का भी वास रहता है।
★ उत्तर व पूर्व दिशाओं के संगम स्थल पर बनने वाला कोण ईशान कोण है।
★ इस दिशा में कूड़ा-कचरा या शौचालय इत्यादि नहीं होना चाहिए।
★ ईशान कोण को खुला रखना चाहिए या इस भाग पर जल स्रोत बनाया जा सकता है।
★ उत्तर-पूर्व दोनों दिशाओं का समग्र प्रभाव ईशान कोण पर पडता है।
★ पूर्व दिशा के प्रभाव से ईशान कोण सुबह के सूरज की रोशनी से प्रकाशमान होता है, तो उत्तर दिशा के कारण इस स्थान पर लंबी अवधि तक प्रकाश की किरणें पड ती हैं।
★ ईशान कोण में जल स्रोत बनाया जाए तो सुबह के सूर्य कि पैरा-बैंगनी किरणें उसे स्वच्छ कर देती हैं।


4.पश्चिम दिशा (West direction) :
★ यह दिशा जल के देवता वरुण की है।
★ सूर्य जब अस्त होता है, तो अंधेरा हमें जीवन और मृत्यु के चक्कर का एहसास कराता है। यह बताता है कि जहां आरंभ है, वहां अंत भी है।
★ शाम के तपते सूरज और इसकी इंफ्रा रेड किरणों का सीधा प्रभाव पश्चिमी भाग पर पड ता है, जिससे यह अधिक गरम हो जाता है। यही वजह है कि इस दिशा को शयन कक्ष के लिए उचित नहीं माना जाता।
★ इस दिशा में शौचालय, बाथरूम, सीढियों अथवा स्टोर रूम (vastu for storeroom in home)का निर्माण किया जा सकता है।
★ इस भाग में पेड -पौधे भी लगाए जा सकते हैं।
5.उत्तर- पश्चिम (North West direction) :
★ यह दिशा वायु देवता की है।
★ उत्तर- पश्चिम भाग भी संध्या के सूर्य की तपती रोशनी से प्रभावित रहता है। इसलिए इस स्थान को भी शौचालय, स्टोर रूम, स्नान घर आदी के लिए उपयुक्त बताया गया है।
★ उत्तर-पश्चिम में शौचालय, स्नानघर (Vastu Shastra for toilet) का निर्माण करने से भवन के अन्य हिस्से संध्या के सूर्य की उष्मा से बचे रहते हैं, जबकि यह उष्मा शौचालय एवं स्नानघर को स्वच्छ एवं सूखा रखने में सहायक होती है।
6.दक्षिण दिशा (South direction) :
★ यह दिशा मृत्यु के देवता यमराज की है।
★ दक्षिण दिशा का संबंध हमारे भूतकाल और पितरों से भी है।
★ इस दिशा में अतिथि कक्ष या बच्चों के लिए शयन कक्ष बनाया जा सकता है।
★ दक्षिण दिशा में बॉलकनी या बगीचे जैसे खुले स्थान नहीं होने चाहिएं। इस स्थान को खुला न छोड़ने से यह रात्रि के समय न अधिक गरम रहता है और न ज्यादा ठंडा।
★ यह भाग शयन कक्ष के लिए उत्तम होता है।
7.दक्षिण- पश्चिम (South-west direction) :
★ यह दिशा नैऋुती अर्थात स्थिर लक्ष्मी (धन की देवी) की है।
★ इस दिशा में आलमारी, तिजोरी या गृह स्वामी का शयन कक्ष बनाना चाहिए।
★ इस दिशा में दक्षिण व पश्चिम दिशाओं का मिलन होता है, इसलिए यह दिशा वेंटिलेशन के लिए बेहतर होती है। यही कारण है कि इस दिशा में गृह स्वामी का शयन कक्ष बनाने का सुझाव दिया जाता है।
★ तिजोरी या आलमारी को इस हिस्से की पश्चिमी दीवार में स्थापित करें।
8.दक्षिण-पूर्व (South-east direction) :
★ इस दिशा के प्रतिनिध देव अग्नि हैं।
★ यह दिशा उष्‍मा, जीवनशक्ति और ऊर्जा की दिशा है।
★ रसोईघर (Vastu Shastra for Kitchen) के लिए यह दिशा सर्वोत्तम होती है।
★ सुबह के सूरज की पैराबैंगनी किरणों का प्रत्यक्ष प्रभाव पडने के कारण रसोईघर मक्खी-मच्छर आदी जीवाणुओं से मुक्त रहता है।
★ दक्षिण- पश्चिम यानी वायु की प्रतिनिधि दिशा भी रसोईघर में जलने वाली अग्नि को क्षीण नहीं कर पाती।

क्या ये लोक तंत्र है (लोक तंत्र -परिभाषा , देश में क्या हो रहा है)



लोकतंत्र में, प्रत्येक नागरिक के पास कुछ बुनियादी अधिकार हैं कि राज्य उनसे दूर नहीं जा सकता है। 

इन अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और गारंटी दी जाती है। 
हर किसी को अपने धार्मिक विश्वासों सहित अपनी मान्यताओं का अधिकार है, और वे क्या सोचते हैं और लिखते हैं। हर किसी को जानकारी और विचारों के विभिन्न स्रोतों का पता लगाने का अधिकार है। 
सभी को ट्रेड यूनियनों सहित अन्य लोगों के साथ जुड़ने और अपनी पसंद के संगठनों में शामिल होने और शामिल करने का अधिकार है। हर किसी को सरकार के कार्यों को इकट्ठा करने और विरोध करने का अधिकार है। 

देश में क्या हो रहा है

क्या चुनाव जीतने के बाद विधायको को अजादी नही है अपनी पसंद से वोट करने का?


भारत समाचार में खबर

नई दिल्ली : कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा ने भले मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हो, लेकिन सत्ता के लिए जोड़ तोड़ अभी जारी है. येदियुरप्पा ने अभी बहुमत साबित नहीं किया है. ये उनके लिए सबसे बड़ा सकंट है. वहीं चुनाव परिणाम के बाद साथ आए कांग्रेस और जेडीएस के लिए अपने विधायकों को संभालना भी टेड़ी खीर साबित हो रहा है. पहले कांग्रेस के विधायक बेंगलुरु के ईगल रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे. अब इन विधायकों में टूट न हो इसके लिए इन्हें बेंगलुरु से हैदराबाद शिफ्ट कर दिया गया है.

गुरुवार आधी रात को इन विधायकों को बेंगलुरु से हैदराबाद एक बस से भेजा गया. शुक्रवार सुबह ये विधायक हैदराबाद पहुंच गए हैं. इन विधायकों में कांग्रेस के अलावा जेडीएस विधायक भी थे. वहीं मीडिया में चल रही कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि इस समय कांग्रेस विधायकों के साथ उनके चार विधायक नहीं हैं. इन चार विधायकों में आनंद सिंह, प्रताप गौड़ा, राजशेखर पाटिल शामिल हैं.

क्या होना चाहिए !!!

जो भी राजनीत पार्टी ऐसा करे ..उनको सरकार बनने का कोई अधिकारी नही होना चहियेये लोक तंत्र है...??

कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लागू हो !!!


आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके


इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता की जीवन में सफलता पाने के लिए self-confidence एक बेहद important quality है . जीवन में किसी मुकाम पर पहुंच चुके हर एक व्यक्ति में आपको ये quality दिख जाएगी , फिर चाहे वो कोई film-star हो , कोई cricketer, आपके पड़ोस का कोई व्यक्ति , या आपको पढ़ाने वाला शिक्षक . आत्मविश्वास एक ऐसा गुण है जो हर किसी में होता है , किसी में कम तो किसी में ज्यादा . पर ज़रुरत इस बात की है कि अपने present level of confidence को बढ़ा कर एक नए और बेहतर level तक ले जाया जाये . और मैं आपके साथ कुछ ऐसी ही बातें share करूँगा जो आपके आत्म-विश्वास को बढाने में मददगार हो सकती हैं : 

1) Dressing sense improve कीजिये

आप किस तरह से dress-up होते हैं इसका असर आपके confidence पर पड़ता है . ये बता दूँ कि यहाँ मैं अपने जैसे आम लोगों की बात कर रहा हूँ , Swami Vivekanand और Mahatma Gandhi जैसे महापुरुषों का इससे कोई लेना देना नहीं है , और यदि आप इस category में आते हैं तो आपका भी :).

मैंने खुद इस बात को feel किया है , जब मैं अपनी best attire में होता हूँ तो automatically मेरा confidence बढ़ जाता है , इसीलिए जब कभी कोई presentation या interview होता है तो मैं बहुत अच्छे से तैयार होता हूँ . दरअसल अच्छा दिखना आपको लोगों को face करने का confidence देता है और उसके उलट poorly dress up होने पे आप बहुत conscious रहते हैं .

मैंने कहीं एक line पढ़ी थी ,” आप कपड़ों पे जितना खर्च करते हैं उतना ही करें , लेकिन जितनी कपडे खरीदते हैं उसके आधे ही खरीदें ” . आप भी इसे अपना सकते हैं.


2) वो करिए जो confident लोग करते हैं

आपके आस -पास ऐसे लोग ज़रूर दिखेंगे जिन्हें देखकर आपको लगता होगा कि ये व्यक्ति बहुत confident है . आप ऐसे लोगों को ध्यान से देखिये और उनकी कुछ activities को अपनी life में include करिए . For example:

• Front seat पर बैठिये .

• Class में , seminars में , और अन्य मौके पर Questions पूछिए / Answers दीजिये

• अपने चलने और बैठने के ढंग पर ध्यान दीजिये

• दबी हुई आवाज़ में मत बोलिए .

• Eye contact कीजिये , नज़रे मत चुराइए .


3) किसी एक चीज में अधिकतर लोगों से बेहतर बनिए

हर कोई हर field में expert नहीं बन सकता है , लेकिन वो अपने interest के हिसाब से एक -दो areas चुन सकता है जिसमे वो औरों से बेहतर बन सकता है . जब मैं School में था तो बहुत से students मुझसे पढाई और अन्य चीजों में अच्छे थे , पर मैं Geometry में class में सबसे अच्छा था (thanks to Papa :)), और इसी वजह से मैं बहुत confident feel करता था . और world’s most read Hindi Blog बना कर confident feel करता हूँ . अगर आप किसी एक चीज में महारथ हांसिल कर लेंगे तो वो आपको in-general confident बना देगा . बस आपको अपने interest के हिसाब से कोई चीज चुननी होगी और उसमे अपने circle में best बनना होगा , आपका circle आप पर depend करता है , वो आपका school,college, आपकी colony या आपका शहर हो सकता है .
आप कोई भी field चुन सकते हैं , वो कोई art हो सकती है , music, dancing,etc कोई खेल हो सकता है , कोई subject हो सकता है या कुछ और जिसमे आपकी expertise आपको भीड़ से अलग कर सके और आपकी एक special जगह बना सके . ये इतना मुश्किल नहीं है , आप already किसी ना किसी चीज में बहुतों से बेहतर होंगे , बस थोडा और मेहनत कर के उसमे expert बन जाइये , इसमें थोडा वक़्त तो लगेगा , लेकिन जब आप ये कर लेंगे तो सभी आपकी respect करेंगे और आप कहीं अधिक confident feel करेंगे .

और जो व्यक्ति किसी क्षेत्र में special बन जाता है उसे और क्षेत्रों में कम knowledge होने की चिंता नहीं होती , आप ही सोचिये क्या कभी सचिन तेंदुलकर इस बात से परेशान होते होंगे कि उन्होंने ज्यादा पढाई नहीं की ….कभी नहीं !


4) अपने achievements को याद करिए 

आपकी past achievements आपको confident feel करने में help करेंगी . ये छोटी -बड़ी कोई भी achievements हो सकती हैं . For example: आप कभी class में first आये हों , किसी subject में school top किया हो , singing completion या sports में कोई जीत हांसिल की हो , कोई बड़ा target achieve किया हो , employee of the month रहे हों . कोई भी ऐसी चीज जो आपको अच्छा feel कराये .

आप इन achievements को dairy में लिख सकते हैं , और इन्हें कभी भी देख सकते हैं , ख़ास तौर पे तब जब आप अपना confidence boost करना चाहते हैं .इससे भी अच्छा तरीका है कि आप इन achievements से related कुछ images अपने दिमाग में बना लें और उन्हें जोड़कर एक छोटी सी movie बना लें और समय समय पर इस अपने दिमाग में play करते रहे . Definitely ये आपके confidence को boost करने में मदद करेगा .

5) Visualize करिए कि आप confident हैं

आपकी प्रबल सोच हकीकतबनने का रास्ता खोज लेती है , इसलिए आप हर रोज़ खुद को एक confident person के रूप में सोचिये . आप कोई भी कल्पना कर सकते हैं , जैसे कि आप किसी stage पर खड़े होकर हजारों लोगों के सामने कोई भाषण दे रहे हैं , या किसी seminar haal में कोई शानदार presentation दे रहे हैं , और सभी लोग आपसे काफी प्रभावित हैं , आपकी हर तरफ तारीफ हो रही है और लोग तालियाँ बजा कर आपका अभिवादन कर रहे हैं . Albert Einstein ने भी imagination को knowledge से अधिक powerful बताया है ; और आप इस power का use कर के बड़े से बड़ा काम कर सकते हैं 


6) गलतियाँ करने से मत डरिये

क्या आप ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हो जिसने कभी गलती ना की हो ? नहीं जानते होंगे , क्योंकि गलतियाँ करना मनुष्य का स्वभाव है , और मैं कहूँगा कि जन्मसिद्ध अधिकार भी . आप अपने इस अधिकार का प्रयोग करिए . गलती करना गलत नहीं है ,उसे दोहराना गलत है . जब तक आप एक ही गलती बार -बार नहीं दोहराते तब तक दरअसल आप गलती करते ही नहीं आप तो एक प्रयास करते हैं और इससे होने वाले experience से कुछ ना कुछ सीखते हैं .

दोस्तों कई बार हमारे अन्दर वो सब कुछ होता है जो हमें किसी काम को करने के लिए होना चाहिए , पर फिर भी failure के डर से हम confidently उस काम को नहीं कर पाते . आप गलतियों के डर से डरिये मत , डरना तो उन्हें चाहिए जिनमे इस भय के कारण प्रयास करने की भी हिम्मत ना हो !! आप जितने भी सफल लोगों का इतिहास उठा कर देख लीजिये उनकी सफलता की चका-चौंध में बहुत सारी असफलताएं भी छुपी होंगी .

Michel Jordan, जो दुनिया के अब तक के सर्वश्रेष्ठ basketball player माने जाते हैं; उनका कहना भी है कि , “मैं अपनी जिंदगी में बार-बार असफल हुआ हूँ और इसीलिए मैं सफल होता हूँ.”

आप कुछ करने से हिचकिचाइए मत चाहे वो खड़े हो कर कोई सवाल करना हो , या फिर कई लोगों के सामने अपनी बात रखनी हो , आपकी जरा सी हिम्मत आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा सकती है . सचमुच डर के आगे जीत है!

7) Low confidence के लिए अंग्रेजी ना जानने का excuse मत दीजिये

हमारे देश में अंग्रेजी का वर्चस्व है . मैं भी अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक मानता हूँ ,पर सिर्फ इसलिए क्योंकि इसके ज्ञान से आप कई अच्छी पुस्तकें , ब्लॉग , etc पढ़ सकते हैं , आप एक से बढ़कर एक programs, movies, इत्यादि देख सकते हैं . पर क्या इस भाषा का ज्ञान confident होने के लिए आवश्यक है , नहीं . English जानना आपको और भी confident बना सकता है पर ये confident होने के लिए ज़रूरी नहीं है . किसी भी भाषा का मकसद शब्दों में अपने विचारों को व्यक्त करना होता है , और अगर आप यही काम किसी और भाषा में कर सकते हैं तो आपके लिए अंग्रेजी जानने की बाध्यता नहीं है .

मैं गोरखपुर से हूँ , वहां के संसद योगी आदित्य नाथ को मैंने कभी अंग्रेजी में बोलते नहीं सुना है , पर उनके जैसा आत्मविश्वास से लबरेज़ नेता भी कम ही देखा है . इसी तरह मायावती , और मुलायम सिंह जैसे नेताओं में आत्मविश्वास कूट -कूट कर भरा है पर वो हमेशा हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते हैं . दोस्तों, कुछ जगहों पर जैसे कि job-interview में अंग्रेजी का ज्ञान आपके चयन के लिए ज़रूरी हो सकता है , पर confidence के लिए नहीं , आप बिना English जाने भी दुनिया के सबसे confident व्यक्ति बन सकते हैं .

8 ) जो चीज आपका आत्मविश्वास घटाती हो उसे बार-बार कीजिये

कुछ लोग किसी ख़ास वजह से confident नहीं feel करते हैं . जैसे कि कुछ लोगों में stage-fear होता है तो कोई opposite sex के सामने nervous हो जाता है . यदि आप भी ऐसे किसी challenge को face कर रहे हैं तो इसे beat करिए . और beat करने का सबसे अच्छा तरीका है कि जो activity आपको nervous करती है उसे इतनी बार कीजिये कि वो आप ताकत बन जाये . यकीन जानिए आपके इस प्रयास को भले ही शुरू में कुछ लोग lightly लें और शायद मज़ाक भी उडाएं पर जब आप लगातार अपने efforts में लगे रहेंगे तो वही लोग एक दिन आपके लिए खड़े होकर ताली बजायेंगे .
गाँधी जी की कही एक line मुझे हमेशा से बहुत प्रेरित करती रही है “पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे.” तो आप भी उन्हें ignore करने दीजिये , हंसने दीजिये ,लड़ने दीजिये ,पर अंत में आप जीत जाइये . क्योंकि आप जीतने के लिए ही यहाँ हैं , हारने के लिए नहीं .

9) विशेष मौकों पर विशेष तैयारी कीजिये

“सफलता के लिए आत्म-विश्वास आवश्यक है, और आत्म-विश्वास लिए तैयारी”

जब कभी आपके सामने खुद को prove करने का मौका हो तो उसका पूरा फायदा उठाइए . For example: आप किसी debate,quiz, dancing या singing competition में हिस्सा ले रहे हों , कोई test या exam दे रहे हो ,या आप कोई presentation दे रहे हों , या कोई program organize कर रहे हों . ऐसे हर एक मौके के लिए जी -जान से जुट जाइये और बस ये ensure करिए कि आपने तैयारी में कोई कमी नहीं रखी , अब result चाहे जो भी हो पर कोई आपकी preparation को लेकर आप पर ऊँगली ना उठा पाए.
Preparation और self-confidence directly proportional हैं . जितनी अच्छी तैयारी होगी उतना अच्छा आत्म -विश्वास होगा .और जब इस तैयारी की वजह से आप सफल होंगे तो ये जीत आपके life की success story में एक और chapter बन जाएगी जिसे आप बार -बार पलट के पढ़ सकते हैं और अपना confidence boost कर सकते हैं .

10) Daily अपना MIT पूरा कीजिये

Most Important Task के बारे में लिखा था , यदि आपने इसे नहीं पढ़ा है तो ज़रूर पढ़िए . यदि आप अपना daily का MIT पूरा करते रहेंगे तो निश्चित रूप से आपका आत्म -विश्वास कुछ ही दिनों में बढ़ जायेगा . आप जब भी अपना MIT पूरा करें तो उसे एक छोटे success के रूप में देखें और खुद को इस काम के लिए शाबाशी दें .रोज़ रोज़ लगातार अपने important tasks को successfully पूरा करते रहना शायद अपने confidence को boost करने का सबसे कारगर तरीका है . आप इसे ज़रूर try कीजिये.
Friends, ये याद रखिये कि आपका confidence आपकी education, आपकी financial condition या आपके looks पर नहीं depend करता और आपकी इज़ाज़त के बिना कोई भी आपको inferior नहीं feel करा सकता. आपका आत्म-विश्वास आपकी सफलता के लिए बेहद आवश्यक है,और आजआपका confidence चाहे जिस level हो, अपने efforts से आप उसे नयी ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं.

नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाने के तरीके


Suppose करिए कि आपकी बार-बार एक ही negative thought को सोचने की बुरी आदत है. और suppose करिए कि असल दुनिया में उस सोच की कोई अभिव्यक्ति नहीं है. वो बस एक नकारात्मक सोच है , जैसे ” मैं बहुत depressed हूँ” या ” मुझे अपनी नौकरी से नफरत है” या ” मैं ये नहीं कर सकता” या “मुझे अपने मोटापे से नफरत है.” आप किसी बुरी आदत से कैसे छुटकारा पायेंगे जब वो पूरी तरह से आपके दिमाग में हो ?

असल में negative thought pattern को बदलने के बहुत सारे तरीके हैं. Basic idea ये है कि पुराने thought pattern को नए से replace कर दिया जाए. मानसिक रूप से नकारात्मक सोच का विरोध करना उल्टा पड़ सकता है- आप इसे और मजबूत करते जायेंगे और स्थिति बदतर हो जाएगी. आप जितना अपने neurons को उसी दिशा में fire करेंगे, आपकी नकारात्मक सोच उतनी ही शशक्त होती जायेगी.
यहाँ एक तरीका है जो मैं अपने negative thought patterns को break करने के लिए use करता हूँ. ये basically एक memory technique जिसे ‘chaining’ कहते हैं से मिला जुला कर बना है. ये तरीका मेरे लिए बहुत सही काम करता है.

Negative Thought pattern का विरोध करने का प्रयास करने की बजाये आप इसकी दिशा बदल दीजिये. इसे आप एक mental kung fu की तरह से समझिये. नकारात्मक सोच की उर्जा को लीजिये और उसे सकारात्मक सोच की तरफ मोड़ दीजिये. थोड़ी सी mental conditioning के साथ जब भी आपके दिमाग में negative thought आएगी , आपका दिमाग खुद बखुद positive thought की तरफ divert हो जाएगा. ये Pavlov’s dogs की तरह है जो घंटी बजने पर लार टपकाना सीख जाते हैं.
ये ऐसे काम करता है:
मान लीजये आपकी negative thought एक subvocalization है, मतलब आपको अन्दर से एक आवाज़ सुनाई देती है जिसे आप बदलना चाहते हैं , जैसे कि, ” मैं idiot हूँ”. अगर आपकी negative thought एक आवाज़ होने की बजाये एक mental image (कोई चित्र जो दिमाग में आता हो) या kinesthetic ( कोई अन्दर होने वाला एहसास) हो तो भी आप इस process को use कर सकते हैं. कई मामलों में आपका विचार इन तीनों का combination भी हो सकता है.


Step 1: अपनी negative thought को एक mental image में बदल लें.

उस आवाज को सुनिए और दिमाग में उसकी एक तस्वीर बना लीजिये.For Example, यदि आपकी सोच है कि ,“मैं idiot हूँ”, तो कल्पना कीजिये कि आप मूर्खतापूर्ण कपडे पहने और जोकरों वाली टोपी लगाकर इधर उधर कूद रहे हैं. आपके चारो तरफ लोग खड़े हैं जो आपकी तरफ ऊँगली दिखा रहे हैं और आप चिल्ला रहे हैं, “मैं idiot हूँ” आप इस scene को जितना बढ़ा चढ़ा कर देखेंगे उतना बेहतर है . चटक रंगों, खूब सारे animation,यहाँ तक कि आप कुछ sex से भी सम्बंधित सोच सकते हैं यदि ये आपको याद रखने में मदद करे. इस scene को बार-बार तब तक practice करते रहिये जब तक महज वो negative line सोचने भर से आपके दिमाग में आपकी कल्पना की हुई negative mental image ना आने लगे.

यदि आपको उस विचार का चित्रण करने में दिक्कत हो तो आप उसे एक आवाज़ का भी रूप दे सकते हैं. अपनी negative thought को एक आवाज़ में बदल लें , जैसे कि कोई धुन जिसे आप गुनगुनाते हों. इस प्रोसेस follow करने में को चाहे एक sound की कल्पना करें या किसी चित्र की , दोनों ही तरह से ये काम करेगा. वैसे मैं किसी चित्र के बारे में कल्पना करना prefer करता हूँ.


Step 2: उस negative thought को replace करने के लिए कोई powerful positive thought चुनें.

अब decide करिए की negative thought को replace करने के लिए आप कौन सी positive thought चुनेंगे. जैसे कि यदि आप ये सोचते रहते हैं कि, ” मैं idiot हूँ,” तो शायद आप उसे , “मैं brilliant हूँ.” से replace करना चाहेंगे. कोई ऐसी सोच चुनिए जो आपको कुछ इस तरह से शशक्त बनाए कि आप उस negative thought के असर को कमजोर बना पाए.


Step 3: अब अपनी positive thought को एक mental image में बदल लें

एक बार फिर से Step 1 की तरह ही अपनी positive thought के लिए एक mental image बना लें. जैसे कि उदाहरण में ली गयी सोच “में brilliant हूँ” के लिए आप खुद को Superman की तरह दोनों हाथ कमर पर रख कर खड़ा हुआ होने की कल्पना कर सकते हैं.और आप सोच सकते हैं कि ठीक आपके सर के ऊपर एक bulb जल रहा है. Bulb बहुत तेज रौशनी के साथ जगमगा रहा है, और आप जोर से चीख रहे हैं, ” मैं bbbbrrrrrillllliannnnttt हूँ !”. इसकी practice तब तक करते रहिये जब तक महज वो positive line सोचने भर से आपके दिमाग में आपकी कल्पना की हुई positive mental image ना आने लगे.


Step 4: अब दोनों mental images को एक साथ जोड़ दीजिये.

आपने Step 1 और Step 3 में जो mental image सोची है , दोनों को अपने दिमाग में चिपका दीजिये. ये trick chaining नामक memory technique में प्रयोग होती है. इसमें आप पहले चित्र को दुसरे में परिवर्तित कर देते हैं. मेरा सुझाव है कि आप इस एक animated movie की तरह करिए. इसमें आपको पहला (negative picture) और आखिरी (positive picture) scene का अंदाजा है, बस आपको बीच में एक छोटा सा एनीमेशन भरना है.

For example, पहले scene में आपके idiot version पर कोई एक light bulb फेंकता है.और आप उस बल्ब को कैच कर लेते हैं और आपके पकड़ते ही वो बल्ब बड़ा होने लगता है और उससे इतनी तेज रौशनी निकलती है कि आपको घेरे हुए लोग चौंधिया जाते हैं. तब आप अपने मूर्खतापूर्ण कपड़ों को फाड़ कर फेंक देते हैं और चमचमाते सफ़ेद लिबास में प्रकट होते हैं. आप Superman की तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ खड़े होकर जोर से चिल्लाते हैं, ” ” मैं bbbbrrrrrillllliannnnttt हूँ !”और फिर वो लोग अपने घुटनों के बल बैठ जाते हैं और आपकी पूजा करने लगते हैं. एक बार फिर , आप इसे जितना बढ़ा-चढ़ा कर सोचेंगे उतना अच्छा होगा. बढ़ा-चढ़ा कर सोचना आपको scene को याद रखें में मदद करेगा क्योंकि हमारा दिमाग unusual चीजों को याद रखने के लिए designed होता है.

एक बार जब आप पूरा scene complete कर लें तो फिर बाद-बाद इसे अपने दिमाग में दोहरायें ताकि speed आ जाये. इस scene को शुरू से अंत तक तब तक imagine करते रहिये जब तक कि आप पूरा का पूरा scene 2 मिनट में complete नहीं कर लेते, ideally 1 मिनट में. ये बिजली की तेजी से होना चाहिए, वास्तविक दुनिया से कहीं तेज.

Step 5: Test.

अब आपको अपने mental redirect को टेस्ट करना है कि ये काम कर रहा है कि नहीं. ये बहुत हद्द तक HTML redirect की तरह है – जब आप पुराना negative URL input करते हैं, तब आपका दिमाग उसे automatically positive की तरफ redirect कर देता है.Negative thought के दिमाग में आते ही तुरन्त positive thought आपके दिमाग में आ जानी चाहिए. अगर आपने ये सही से practice किया है तो ये automatically होने लगेगा. Negative thought दिमाग में आते ही पूरा का पूरा scene आपके दिमाग में घूम जायेगा. इसलिए आप जब भी ये सोचेंगे कि , ” मैं idiot हूँ “, भले आप पूरी तरह से aware ना हो कि आप ऐसा सोच रहे हैं, आप अंत में खुद को ये सोचता हुआ पायेंगे कि, “मैं brilliant हूँ”

अगर आपने पहले ऐसा visualization नहीं किया है तो आपको ये सब करने में कुछ समय लगेगा. Speed practice के साथ आएगी. एक बार अभ्यास हो जाने के बाद सारी चीजें सेकेंडों में हो जाएँगी. पहली बार करने में चीजें धीमी गति से होंगी,इससे discourage मत होइए . किसी भी और skill की तरह इसे भी learn किया जा सकता है,और शायद पहली बार सीखने में ये आपको ये कुछ अटपटा लगे.
मेरा सुझाव है कि आप अलग-अलग तरह की कल्पना के साथ experiment करिए. आपको कुछ कल्पनाएँ बाकियों से सही लगेंगी. Association Vs. Dissociation पर ख़ास ध्यान दीजिये. जब आप किसी scene से associated होंगे तो आप उसे अपनी आँखों से घटता हुआ देखेंगे( i.e. first person perspective). जब आप dissociated होंगे तो आप उस scene में खुद को देखने की कल्पना करेंगे ( i.e. third person perspective). आम तौर पर मुझे best results खुद को dissociate करने पर मिलते हैं. आपके results अलग हो सकते हैं.

मैंने 1990s की शुरआत में इस तरह की काफी mental conditioning की है. जब भी मुझे इस तरह की कोई नकारात्मक सोच परेशान करती थी तो मैं उसे चुनता था और उसकी दिशा बदल देता था.कुछ ही दिनों में मैंने दर्जनों negative thought patterns को reprogram कर दिया था, और कुछ ही दिनों में मेरे दिमाग के लिए negative thought या emotion produce करना भी कठिन हो गया. ऐसी कोई भी सोच positive सोच की तरफ redirect हो जातीं.शायद कुछ हद तक इसीलिए मैं college से निकलने के तुरंत बाद अपन business start करने में पूरा confident था.मैं mental conditioning के माध्यम से अपनी self-doubt सम्बंधित thoughts को can-do mindset में बदल देता था. कालेज के दिनों में मैंने इसका खूब प्रयोग किया और शायद इसी वजह से मैंने औरों से जल्दी graduate हो पाया.इसके बावजूद मुझे कई real-world challenges को face करना पड़ा, पर कम से कम मैं उस समय खुद के self-doubt से नहीं लड़ रहा था.
इस तरह की mental conditioning ने मुझे अपने अंदरुनी मामलों को control करने में काफी सहायता की.आज मैं ये इतना भली-भांति कर लेता हूँ कि बिना इसके बारे में सोचे ही ये automatically होता रहता है. किसी point पर मेरे subconscious ने इसका कंट्रोल ले लिया; इसलिए जब कभी मेरे मन कोई ऐसा विचार आता है कि , “I can’t” तो वो स्वतः ही ,”How can I?” में परिवर्तित हो जाता है. दरअसल जब आप mental conditioning को बहुत ज्यादा practice कर लेते हैं तो यही होता है- आपका subconscious कंट्रोल ले लेता है;ठेक विअसे ही जैसे कि साइकिल चलाने की practice के बाद हो जाता है.

अब जब कभी आपको लगे कि कोई negative thought आपके दिमाग में घर कर रही हो तो इसे try कीजिये. मेरे विचार है कि आप इसे काफी सशक्त बनाने वाला पाएंगे. और जिन्हें इससे फायदा पहुँच सकता है उनके साथ जरूर share करिए.

मातृ/माता दिवस समारोह (इतिहास, महत्व)


मातृ दिवस समारोह प्राचीन ग्रीक सभ्यता में, प्राचीन ग्रीक सभ्यता में, रिया, देवताओं की मां का सम्मान करने के लिए बसंत समारोहों में वापस दिनांकित किया जा सकता है। बाद में, यूनाइटेड किंगडम में रविवार को मदरिंग परंपरागत रूप से लोगों के लिए चर्च जाने का एक दिन था जहां उन्होंने बपतिस्मा लिया था, हालांकि अब यह आधुनिक समय में मातृत्व मनाता है।


मदर डे के आधुनिक-दिन की उत्पत्ति को दो महिलाओं - जूलिया वार्ड होवे और अन्ना जार्विस को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में परंपरा स्थापित करने में महत्वपूर्ण थे। 1870 के आसपास, जूलिया वार्ड होवे ने हर साल मातृ दिवस मनाया। यह प्रायोजन के तहत लगभग 10 वर्षों तक बोस्टन में आयोजित किया गया, लेकिन उसके बाद मृत्यु हो गई। अन्य सूत्रों का कहना है कि 1800 के उत्तरार्ध में जूलियट कैलहौन ने ब्लैकली ने एल्बियन, मिशिगन में मातृ दिवस की शुरुआत की थी। उनके बेटों ने हर साल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और दूसरों से उनकी मां का सम्मान करने का आग्रह किया।

1907 में, अन्ना जार्विस ने ग्रेटटन, वेस्ट वर्जीनिया में अपनी मां, एन जर्विस की याद में एक निजी मातृ दिवस समारोह आयोजित किया। 1908 में, उन्होंने एक चर्च सेवा की व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसने 407 बच्चों और उनकी मां को आकर्षित किया। 1912 में अन्य देशों में छुट्टियों को बढ़ावा देने के लिए एक मातृ दिवस अंतर्राष्ट्रीय संघ की स्थापना की गई थी। तब से मातृ दिवस तेजी से लोकप्रिय हो गया है।


बहुत से लोग मानते हैं कि इस कार्यक्रम के लिए कार्ड कंपनियों, फूलों की दुकानों, गहने भंडार, उपहार की दुकानों, रेस्तरां, होटल, और डिपार्टमेंट स्टोर्स विज्ञापन प्रचार और विशेष सौदों के साथ मातृ दिवस अब काफी हद तक वाणिज्यिक है। अन्ना जार्विस ने अपने जीवनकाल में, मातृ दिवस के अति-व्यावसायीकरण को रोकने के लिए असफल तरीके से मुकदमा दायर किया।


मातृ दिवस का प्रतीक

मातृ दिवस पर माताओं और मां के आंकड़ों के लिए प्रशंसा दिखाने के कई तरीके हैं। इनमें सफेद कार्नेशन शामिल हैं, जो अन्ना जार्विस ने दिन के लिए आधिकारिक प्रतीक होने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस श्राइन भी कहा। यह मंदिर मातृत्व के संरक्षण के लिए समर्पित है। संरचना संयुक्त राज्य अमेरिका के ऐतिहासिक स्थानों के राष्ट्रीय रजिस्टर पर सूचीबद्ध है। यह ग्रैफ्टन, वेस्ट वर्जीनिया में एक संग्रहालय के साथ स्थित है, और इसका लक्ष्य मातृत्व की भावना को संरक्षित, बढ़ावा देना और विकसित करना है।


लोग मातृ दिवस क्या करते है?

कई लोग मातृ दिवस पर अपनी मां और मां के आंकड़े याद करते हैं। मां के आंकड़ों में सौतेली माँ, रिश्तेदार, सास, एक अभिभावक (उदाहरण के लिए एक पालक माता पिता), या एक परिवार के मित्र शामिल हो सकते हैं। मातृ दिवस मनाने के कई तरीके हैं। उनमें शामिल हैं (लेकिन इस तक सीमित नहीं हैं):

कार्ड, फूल, या केक देना।
पारिवारिक सभाएं या यात्राओं।
परिवार के नाश्ते, ब्रंच, लंच और रात्रिभोज घर पर, एक कैफे में या एक रेस्तरां में।
व्यक्तिगत फोन कॉल, खासकर उन बच्चों से जो अपनी मां और / या मां के आंकड़ों से दूर रहते हैं।
मातृ दिवस कविताओं और संदेश।
चॉकलेट, गहने, सामान, कपड़े, शौक उपकरण या उपकरण, हस्तनिर्मित वस्तुओं,


मातृ दिवस विभिन्न देशों में मनाया जाता है, जिसमें चीन भी शामिल है जहां कार्नेशन लोकप्रिय हैं मातृ दिवस प्रस्तुत करता है। समोआ के कुछ समूह पूरे देश में विस्तृत गीत और नृत्य प्रदर्शन आयोजित करते हैं। वे उन योगदानों का जश्न मनाते हैं जो मां सामोन समाज को बनाती हैं।


सार्वजनिक जीवन

मातृ दिवस उन देशों के आधार पर अलग-अलग दिनों में पड़ता है जहां इसे मनाया जाता है। यह ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे कई देशों में मई के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाता है। यह यूनाइटेड किंगडम में ईस्टर रविवार से ठीक पहले तीन सप्ताह पहले आयोजित किया जाता है। रविवार आमतौर पर इन देशों में गैर-विद्यालय और गैर-कार्य दिवस होते हैं।


मातृ दिवस कोस्टा रिका (15 अगस्त, उसी दिन मानदंड दिवस के रूप में), जॉर्जिया (3 मार्च), समोआ (मई का दूसरा सोमवार), और थाईलैंड (12 अगस्त) जैसे देशों में वार्षिक सार्वजनिक अवकाश है। रेस्टोरेंट और कैफे सामान्य से व्यस्त हो सकते हैं क्योंकि कुछ लोग अपनी मां को इलाज के लिए बाहर ले जाते हैं!


नोट: यह आलेख मातृ दिवस पर एक सामान्य अवलोकन प्रदान करता है और दिन का जश्न मनाने वाले प्रत्येक देश के लिए विभिन्न रीति-रिवाजों, परंपराओं, प्रतीकों और प्रथाओं के हर विवरण प्रदान नहीं करता है।





गिफ्ट ऑफ लाइफ


क्या आपने कभी जीवन बीमा को उपहार देने के लिए माना है?

नहीं, यह एक बड़े धनुष के साथ एक बॉक्स में लपेटा नहीं आता है। और यह सब रोमांचक नहीं है। लेकिन, मेरी राय में, यह वास्तव में वह उपहार है जो देने पर रहता है।

जीवन बीमा ने परिवारों को कई तरीकों से उपहार दिया है। एक ब्रेडविनर के नुकसान के बाद, बच्चे ऋण के बिना कॉलेज जाने में सक्षम हैं। माता-पिता काम पर वापस जाने की आवश्यकता के बिना अपने बच्चों के साथ घर पर रहने में सक्षम रहे हैं। घरों का भुगतान किया गया है और दीर्घकालिक सपनों को महसूस किया गया है।

कोई भी इस कवरेज के बारे में सोचना नहीं चाहता, लेकिन अगर कोई आपकी आय और समर्थन पर गिनती कर रहा है ... तो आपको इसकी आवश्यकता है।

और हम इसे बेहद आसान और किफायती बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं। वास्तव में, अध्ययनों से पता चला है कि ज्यादातर लोग अनुमान लगाते हैं कि कितना जीवन बीमा 10x तक वास्तविक लागत है! हर किसी के लिए विकल्प हैं।

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