एड्रेस प्रूफ के तौर पर नहीं होगा पासपोर्ट का इस्तेमाल

सरकार ने पासपोर्ट का आखिरी पेज हटाने का फैसला लिया है, इसमें होल्डर के मां, पिता, हसबैंड/वाइफ के नाम और एड्रेस होता है।

पासपोर्ट का इस्तेमाल अब एड्रेस प्रूफ के तौर पर नहीं किया जा सकेगा। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, "अब पासपोर्ट का आखिरी पेज प्रिंट नहीं किया जाएगा। इस पेज पर पिता या लीगल गार्जियन (अभिभावक), मां और स्पाउज (हसबैंड/वाइफ) के नाम के साथ होल्डर का एड्रेस प्रिंट होता है।" ये फैसला विदेश मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की 3 मेंबर्स कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया गया है। इसमें पासपोर्ट से पिता का नाम हटाने का प्रस्ताव रखा गया था।

सरकार के सिस्टम में स्टोर रहेगी जानकारी
- विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, कमेटी की रिपोर्ट को मान लिया गया है। नए वर्जन में अब आखिरी पेज ब्लैंक होगा। इस पेज पर प्रिंट होने वाली इन्फॉर्मेशन अब विदेश मंत्रालय के सिस्टम में रखी जाएगी, इसलिए सरकार को भी इस कदम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
नारंगी कलर का होगा नया पासपोर्ट    
- स्पोक्सपर्सन ने कहा कि अब ECR (इमीग्रेशन चेक रिक्वायर्ड) पासपोर्ट होल्डर्स को ऑरेंज जैकेट का पासपोर्ट जारी किया जाएगा। हालांकि, Non-ECR पासपोर्ट होल्डर्स को ब्लू-पासपोर्ट ही जारी किए जाएंगे।


तीन कलर में जारी होते हैं पासपोर्ट
- बता दें कि अभी तीन तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। सरकारी अधिकारियों को सफेद कलर का पासपोर्ट, डिप्लोमैट्स को रेड कलर और बाकी सभी के लिए ब्लू कलर के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। 


नासिक में डिजायन होंगे नए पासपोर्ट्स
- विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नए पासपोर्ट्स नासिक स्थित इंडियन सिक्युरिटी प्रेस में डिजायन होंगे। हालांकि, जब तक नए पासपोर्ट्स तैयार नहीं हो जाते, तब तक ट्रैवल डॉक्युमेंट्स के आखिरी पेज प्रिंट होकर ही आएंगे। 


क्या होती है ECR और NON-ECR कैटेगरी
- 2007 के बाद से पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने वालों को ECR और Non-ECR नाम की दो कैटेगरी में बांटा गया है। 
- ECR का मतलब होता है ‘इमीग्रेशन चेक रिक्वायर्ड’। इस कैटेगरी के पासपोर्ट उनके लिए जारी किए जाते हैं जो 10वीं या हाईस्कूल पास नहीं कर पाए हों। 
- ECR पासपोर्ट होल्डर्स को विदेश जाने के लिए इमीग्रेशन ऑफिस से क्लियरेंस सर्टिफिकेट हासिल करना होता है। यानी बिना अनुमति वे विदेश नहीं जा सकते।
- वहीं Non-ECR कैटेगरी में उन सभी को रखा जाता है जो 10वीं पास कर चुके हों। इस कैटेगरी के पासपोर्ट होल्डर्स को क्लियरेंस के लिए इमीग्रेशन ऑफिस नहीं जाना पड़ता।