अटल बिहारी वाजपेयी जीवनी | Atal Bihari Vajpayee biography in hindi


अटल बिहारी वाजपेयी जीवनी  
अटल जी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था!  अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी आखरी सांस AIIMS अस्पताल में 5:०5 PM पर ली (16th August 2018). 93 वर्षीय बहुमुखी प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने हमे १६ अगस्त 2018 को छोड़ दिया। अटल जी की मृत्यु पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गयी ।
Atal Bihari Vajpayee biography in hindi बहु प्रतिभावान राजनैतिज्ञ अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीती में पिछले 50 सालों से सक्रीय है. अपने राजनैतिक सफ़र में वाजपेयी जी सबसे आदर्शवादी व प्रशंसनीय राजनेता थे. अटल जी जैसा नेता होना पुरे देश के लिए गर्व की बात है. उनके बहुत से कामों की वजह से देश आज इस मुकाम पर है. जवाहरलाल नेहरु के बाद अगर कोई 3 बार प्रधानमंत्री बना है तो वो अटल जी ही है. अटल जी पिछले 5 दशकों से संसद में सक्रीय रहे, साथ ही वे इकलोते राजनेता है जो 4 अलग अलग प्रदेश से सांसद चुने गए. अटल जी भारत की आजादी के पहले से राजनीती में आ गए थे, उन्होंने गाँधी जी के साथ भारत छोड़ो आन्दोलन में भी भाग लिया था, और कई बार जेल यातनाएं भी सही.
अटल की बहुमुखी प्रतिभा के धनि है, वे बहुत अच्छे कवी भी है, जो राजनीती पर भी अपनी कविता और व्यंग्य से सबको आश्चर्यचकित करते रहे है, उनकी बहुत ही रचनाएँ पब्लिश भी हुई है जिन्हें आज भी लोग पढ़ते है. अटल जी को अपनी मातृभाषा हिंदी से भी बेहद प्रेम है, अटल जी पहले राजनेता बने, जिन्होंने यू एन जनरल असेंबली में हिंदी में भाषण दिया था. अटल जी पहली बार सिर्फ 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने थे. इसके 1 साल के बाद वे फिर प्रधानमंत्री बने लेकिन इस बार भी उनका ये सफ़र एक साल का रहा. तीसरी बार अटल जी जब प्रधानमंत्री बने तब उनका कार्यकाल पूरा 5 साल का रहा और ये सबसे अधिक सफल माना गया.

अटल बिहारी वाजपेयी जीवनी 


Atal Bihari Vajpayee biography in hindi







क्रमांक

जीवन परिचय बिंदु

अटल बिहारी जीवन परिचय


1.

पूरा नाम

अटल बिहारी वाजपेयी


2.

जन्म

25 दिसम्बर 1924


2.

मृत्यु

16 अगस्त 2018


3.

जन्म स्थान

ग्वालियर, मध्यप्रदेश


4.

माता-पिता

कृष्णा देवी, कृष्णा बिहारी वाजपेयी


5.

विवाह

नहीं हुआ


6.

राजनैतिक पार्टी

भारतीय जनता पार्टी


7.

अवार्ड

1992 – पद्म विभूषण
1994 – लोकमान्य तिलक अवार्ड
1994 – बेस्ट सांसद अवार्ड
1994 – पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड
2014 – भारत रत्न




अटल बिहारी वाजपेयी बचपन व आरंभिक जीवन (Atal Bihari Vajpayee Personal Life)–
अटल जी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. अटल जी के 7 भाई बहन थे. उनके पिता कृष्णा बिहारी स्कूल टीचर व कवी थे. स्वरास्ती स्कूल से स्कूलिंग करने के बाद अटल जी ने लक्ष्मीबाई कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया, इसके बाद उन्होंने कानपूर के DAVV कॉलेज से इकोनोमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. उन्होंने लखनऊ के लॉ कॉलेज में आगे पढ़ने के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन फिर उनका पढाई में मन नहीं लगा और वे आरएसएस द्वारा पब्लिश मैगजीन में एडिटर का काम करने लगे. अटल जी को एक बहुत अच्छे पत्रकार, राजनेता व कवी के रूप में जाना जाता है. अटल जी ने कभी शादी नहीं की, लेकिन उन्होंने B N कॉल की 2 बेटियां नमिता और नंदिता को गोद लिया था. अटल जी सच्चे देश भक्त रहे, पढाई करते समय भी वे आजादी की लड़ाई में बड़े बड़े नेताओं के साथ खड़े रहे. वे उस समय बहुत से हिंदी न्यूज़ पेपर के एडिटर भी रहे.
अटल बिहारी वाजपेयी राजनैतिक सफ़र (Atal Bihari Vajpayee Political Life)–
अटल जी का राजनैतिक सफ़र स्वतंत्रता संग्रामी के रूप में शुरू हुआ. 1942 में भारत छोड़ो आन्दोलन में बाकि नेताओं के साथ उन्होंने भाग लिया और जेल भी गए, इसी दौरान उनकी मुलाकात भारतीय जनसंघ के लीडर श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हुई. अटल जी ने मुखर्जी जी के साथ राजनीती के दाव पेंच सीखे. मुखर्जी जी का स्वास्थ ख़राब रहने लगा और जल्दी ही उनकी मौत हो गई, इसके बाद अटल जी ने ही भारतीय जनसंघ की बागडौर संभाल ली और इसका विस्तार पुरे देश में किया.

  • 1954 में बलरामपुर से वे मेम्बर ऑफ़ पार्लियामेंट चुने गए. जवानी के दिनों में भी अटल जी को अपनी सोच व समझ के कारण राजनीती में काफी आदर व सम्मान मिला.
  • 1968 में दीनदयाल उपाध्या की मौत के बाद अटल जी जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. इसके बाद उन्होंने कुछ सालों तक नानाजी देसाई, बलराज मध्होक व लाल कृष्ण आडवानी के साथ मिलकर जन संघ पार्टी को भारतीय राजनीती में आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की.
  • 1977 में भारतीय जन संघ पार्टी ने भारतीय लोकदल के साथ गठबंधन कर लिया, जिसे जनता पार्टी नाम दिया गया. जनता पार्टी ने बहुत जल्दी ग्रोथ की और लोकल चुनाव में उसे सफलता भी मिली, इसके बाद जनता पार्टी के लीडर मोरारजी देसाई जब प्रधानमंत्री बने और सत्ता में आये तब अटल जी को एक्सटर्नल अफेयर मिनिस्टर बनाया गया. इसी के बाद वे चाइना व पाकिस्तान दौरे में गए, जहाँ उन्होंने इस देशों से भारत के संबंध सुधारने का प्रस्ताव रखा.
  • 1979 में जब मोरारजी देसाई ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, तब जनता पार्टी भी बिखरने लगी. अटल जी ने 1980 में लाल कृष्ण आडवानी व भैरव सिंह शेखावत के साथ मिल कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनाई, और पार्टी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. अगले पांच सालों तक अटल जी ही पार्टी के अध्यक्ष रहे.
  • 1984 के चुनाव में बीजेपी सिर्फ 2 सीट से हारी, जिसके बाद अटल जी ने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए जी तोड़ काम किया और पार्लियामेंट के अगले चुनाव 1989 में बीजेपी 88 सीटों की बढ़त के साथ आगे रही.
  • 1991 में विपक्ष की मांग के चलते एक बार फिर पार्लियामेंट में चुनाव हुआ, जिसमें एक बार फिर बीजेपी 120 सीटों के साथ आगे रही.
  • 1993 में अटल जी सांसद में विपक्ष के लीडर बनके बैठे. नवम्बर 1995 में मुंबई में हुई बीजेपी कांफ्रेंस में अटल जी को बीजेपी का प्रधानमंत्री प्रत्याशी घोषित किया गया
अटल बिहारी वाजपेयी का प्रधानमंत्री बनने का सफ़र –
  • 1996 में हुए चुनाव में बीजेपी एक अकेली सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी थी. मई 1996 में बीजेपी को जीत मिली और अटल जी को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया. लेकिन बीजेपी को दूसरी पार्टियों से सपोर्ट नहीं मिला, जिस वजह से बीजेपी सरकार गिर गई और मात्र 13 दिन में अटल जी को पद से इस्तीफा देना पड़ा.
  • 1996 से 1998 के बीच में 2 बार दूसरी सरकारें बनी लेकिन सपोर्ट ना मिलने से वे भी गिर गई. इसके बाद बीजेपी ने दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर नेशनल डोमेस्टिक पार्टी (NDA) का गठन किया. बीजेपी फिर सत्ता में आई लेकिन इस बार भी उनकी सरकार 13 महीने की रही, अन्ना द्रविदा मुन्नेत्रा पार्टी ने अपना सपोर्ट वापस ले लिया था.
  • 1999 में कारगिल में हुई भारत पाकिस्तान के युद्ध में भारत को मिली विजय ने अटल जी की सरकार को और मजबूत बना दिया. इस जीत से लोग उन्हें एक अच्छे भावी लीडर के रूप में देखने लगे.
  • इसके बाद हुए चुनाव में बीजेपी ने NDA को फिर से मजबूत किया, और चुनाव में खड़े हुए. कारगिल की जीत से भारतवासी बहुत प्रभावित हुए, और सबने बीजेपी को फिर से जीता दिया, जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे.
  • बाजपेयी सरकार ने इस बार पुरे 5 साल पुरे किये, और पहली नॉन कांगेस पार्टी बन गई. सभी पार्टीयों के सपोर्ट से अटल जी ने निर्णय लिया कि वे देश की आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्राइवेट सेक्टर को आगे बढ़ाएंगे. अटल जी की मुख्य योजनायें नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना रही.
  • अटल जी विदेश में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया व आईटी सेक्टर के प्रति लोगों को जागरूप किया. सन 2000 में अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आये, इस दौरे का दोनों देश की प्रगति व रिश्ते में बहुत प्रभाव पड़ा.
  • 2001 में अटल जी ने पाकिस्तान के रास्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ को भारत आने का न्योता भेजा. वे चाहते थे भारत पाक के रिश्तों में सुधार हो, आगरा में हुई ये वार्ता आज तक लोगों को याद है. इसके बाद लाहौर के लिए बस भी शुरू हुई जिसमें खुद अटल जी ने सफ़र किया. लेकिन उनकी ये मुहीम सफल नहीं रही, अटल जी की फोरेन पालिसी ने बहुत बदलाव नहीं किया, लेकिन इस बात को जनता ने बहुत सराहा.
  • 2001 में अटल जी ने सर्व शिक्षा अभियान की भी शुरुवात की.
  • आर्थिक सुधार के लिए अटल जी ने बहुत सी योजनायें शुरू की, जिसके बाद 6-7 % ग्रोथ रिकॉर्ड की गई. इसी समय पूरी दुनिया में भारत का नाम जाना जाने लगा.
  • 2004 में कांग्रेस की जीत के साथ अटल जी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
  • सन 2005 में अटल जी ने राजनीती से रिटायरमेंट की बात घोषित कर दी. इसके बाद 2009 में हुए चुनाव में उन्होंने हिस्सा भी नहीं लिया.
बड़े मुख्य काम –
  • सत्ता में आने के जस्ट 1 महीने बाद अटल जी व उनकी सरकार ने मई 1998 में राजिस्थान के पोखरम में 5 अंडरग्राउंड नूक्लियर का सफल टेस्ट करवाए. परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा, जिसकी चर्चा देश विदेश में भी जोरों पर रही.
  • अटल जी द्वारा शुरू किये गए नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (NHDP) व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) उनके दिल के बेहद करीब थी, वे इसका काम खुद देखते थे. NHDP के द्वारा उन्होंने देश के चार मुख्य शहर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई व कोकत्त्ता को जोड़ने का काम किया. PMGSY के द्वारा पुरे भारत को अच्छी सड़कें मिली, जो छोटे छोटे गांवों को भी शहर से जोड़ती.
  • कारगिल युद्ध व आतंकवादी हमले के दौरान अटल जी द्वारा लिए गए निर्णय, उनकी लीडरशिप व कूटनीति ने सबको प्रभावित किया जिससे उनकी छवि सबके सामने उभर कर आई.
अटल बिहारी वाजपेयी अवार्ड व अचिवेमेंट्स (Atal Bihari Vajpayee Awards & Achivements)–
  • 1992 में देश के लिए अच्छे कार्य करने के कारण अटल जी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.
  • 1994 में उनको बेस्ट सांसद का अवार्ड मिला.
  • 2014 में देश के सर्वोच्य सम्मान भारत रत्न से अटल जी को सम्मानित किया गया.
    ये सम्मान उनके जन्म दिन 25 दिसम्बर को रास्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा उनके निवास स्थान पर दिया गया. अटल जी के लिए पहली बार किसी राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ कर घर जाकर सम्मान दिया.
  • प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अटल जी को भारतीय राजनीती का भीष्म पितामह कहते है.
  • अटल जी चार अलग अलग प्रदेशों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात व दिल्ली से सांसद चुने गए.
अटल जी को संगीत का भी बहुत शौक है, उनके पसंदीदा संगीतकार लता मंगेश्वर, मुकेश व मो रफ़ी है. अटल जी ने आजीवन शादी ना करने की प्रतिज्ञा ली थी, जिस पर वे कायम भी रहे. उनकी गोद ली हुई बेटी नमिता व नंदिता के वे बेहद करीब है, अटल जी अपने सभी रिश्तेदारों से भी बेहद लगाव रखते है. 90 साल के हो चुके अटल जी अब बहुत सी बीमारियों से पीढित है, उन्हें घुटने का दर्द, शुगर और भी उम्र के हिसाब से बीमारी है. बीजेपी के लिए अटल जी एक पिता व संरक्षक है, आज देश का हर एक नागरिक अटल जी को सम्मान की द्रष्टि से देखता है. दुसरी पार्टी के सदस्य भी अटल जी को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानते है. हम आज अटल जी को सम्मान देते है व उनके स्वास्थ और दीर्घायु होने की प्राथना करते है.




BOOKS Written










Meri Ekyavan Kavitayen (1995)
Meri Ekyavan Kavitayen
1995







Twenty-one Poems (2002)
Twenty‑one Poems
2002




Decisive days (1999)
Decisive days
1999





Four decades in parliament
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Na Dainyam Na Palayanam (1998)
Na Dainyam Na Palayanam
1998





Kya khoya kya paya Atal Bihari Vajpayee : Vyaktitva aur kavitayen (1999)
Kya khoya kya paya Atal Bih...
1999





Vicara bindu (1997)
Vicara bindu
1997




A Constructive Parliamentarian (2012)
A Constructive Parliamentarian
2012





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अपमानित चेक (cheque Bounce) के लिए 10000 रुपये तक की लागत (fine)


Cheque Bounce  के लिए 10000 रुपये तक की लागत, 6 से 9 प्रतिशत के बीच की दर से ब्याज के अलावा कंपनी के किसी भी व्यक्ति द्वारा अपमानित चेक के लिए भुगतान करना होगा। सर्वोच्च न्यायालय की दिशा के अनुसार यह नया परिपत्र उच्च न्यायालयों द्वारा सभी अधीनस्थ अदालतों को भेजा गया है।

परिपत्र बताता है कि शिकायतकर्ता को इस मामले के लिए एक निर्धारित फॉर्म भरना होगा और लागत की मात्रा भी सारणीबद्ध होगी। यह वार्तालाप इंस्ट्रूमेंट्स अधिनियम 1881 की धारा 138 के अनुसार है।

परिपत्र में कहा गया है कि अदालत सम्मन जारी करेगी जिनमें अदालत को आरोपी द्वारा जमा की जाने वाली राशि का विशेष उल्लेख करना होगा (जिसकी जांच अपर्याप्तता के लिए अपमानित(cheque bounce) की गई है), जिसमें "चेक की मूल राशि शामिल होगी" , मामले की तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए प्रति वर्ष 6% से 9% के बीच की दर से गणना की गई ब्याज की राशि, और लागत भी ... "

Cheque Bounce भारत में आपराधिक अपराध है!


मुद्रा लोन योजना (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड)


About Mudra Yojna Loan मुद्रा योजना के अंतरगत ऋण के बारे में
योजना का नाम : मुद्रा लोन योजना
पूरा नाम : माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड
योजना लांच की तारीख : 8 अप्रैल 2015
किसके द्वारा योजना शुरू की गई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
लोन राशि : 50,000 रूपये से लेकर 10 लाख तक
मुद्रा लोन पर ब्याज दर : अन्य बैंकर की ब्याज दर की तुलना में बहुत कम और सस्ती है
वेबसाइट : http://www.mudra.org.in/ पर विजिट करें|
ईमेल आईडी : help@mudra.org.in
मुद्रा लोन की भुगतान अवधि : 5 वर्ष तक बढाया जा सकता हैं( (60 tenure))
Helpline Numbers : Call – 1800 180 1111, call – 1800 11 0001
  • अगर कोई व्यक्ति अपना बिज़नेस शुरु करना चाहता हैं या फिर अपने वर्तमान बिज़नेस को आगे बढ़ाना चाहता हैं, भारत सरकार ने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए Mudra (Micro Units Development Refinance Agency) Scheme को लांच किया हैं
  • बिना गारंटी (Without Guarantee) के Loan प्रदान किये जाते हैं
  • मुद्रा योजना के तहत Loan प्रदान करने में किसी भी तरह की Processing Fees चार्ज नहीं की जाती हैं
  • मुद्रा लोन की पुनः भुगतान अवधि (Repayment Period) को 5 वर्ष तक बढाया जा सकता हैं
  • बैंक्स के द्वारा मुद्रा कार्ड्स की सुविधा, “RUPAY” (accepted in all ATM’s)
फर्जी documents पर सरकार से LOAN लेना, गलत जानकारी सरकार को देना, सरकारी कर्ज़ गैर इरादतन वापिस ना करना या लोन के पैसो का दूसरी जगह उपयोग करना, यह सब कानूनन अपराध है, जिस के लिये आवेदक को जुर्माने से जेल तक हो सकती है, और आगे भविष्य मे किसी भी सरकारी संस्था मे नौकरी मिलने, और banks से LOAN / कर्ज़ मिलने की संभावना खतम हो जाती है, कृपया सरकारी सहायताओ का दुरुपयोग ना करे|

मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण लेने के लिए योग्यता

सर्व प्रथम तो मंत्री मुद्रा बैंक योजना से लोन लेने वाला भारत का नागरिक होना चाहिये|
कोई भी भारतीय नागरिक या फर्म जो किसी भी क्षेत्र (खेती के आलावा) में अपना व्यवसाय (Business) शुरू करना चाहता हैं या फिर अपने वर्तमान व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहता हैं और उसकी वित्तीय आवश्यकता (Financial Needs) 10 लाख रूपये तक हैं वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Mudra Loan Scheme) के तहत Loan के लिए आवेदन कर सकते हैं
इसके अलावा पापड़, अचार आदि का व्‍यापार कर रही कारोबारी महिलाओं को भी इस बैंक की ओर से ऋण मुहैया कराया जायेगा. छोटी मोटी दुकान, ब्यूटी पार्लर, मैकेनिक, दर्जी, कुम्हार तथा ऐसा ही छोटा मोटा धंधा करने वालों को भी ऋण देने का प्रावधान किया गया है.
किसान भाइयो का खेती उद्योग इस योजना के अंतर्गत समाविष्ट नहीं है, पर सब्जी तरकारी और फल फ्रूट के व्यापारी अवश्य इस योजना से लाभ ले सकते है|
आवेदक (LOAN applicant) की कुशलता, उद्योग का प्रकार और उद्योग की ज़रूरत (cash requirement) को ध्यान मे रखते हुए LOAN sanction होगा या नहीं यह निर्णय लिया जाता है|

मुद्रा लोन के प्रकार

◆ : Shishu Loan : शिशु ऋण के तहत 50,000/ – रुपये तक के ऋण दिए जाते है|
◆ : Kishor Loan : किशोर ऋण के तहत 50,000 / – रुपये के ऊपर और 5 लाख रूपए तक के ऋण दिए जाते है|
◆ : Tarun Loan : तरुण ऋण के तहत 5 लाख रूपये से ऊपर और 10 लाख रुपये तक के ऋण दिए जाते है|
◆ : मुद्रा योजना के तहत कम से कम 60% ऋण, शिशु ऋणों के रूप में दिया जाएगा|
शुरुआत में कुछ ही क्षेत्रों तक योजनाएं सीमित हैं, जैसे- “जमीन परिवहन, सामुदायिक, सामाजिक एवं वैयक्तिक सेवाएं, खाद्य उत्पाद और टेक्सटाइल प्रोडक्ट सेक्टर”। समय के साथ नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें और ज्यादा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
स्‍वामित्‍व/साझेदारी फर्म लघु-निर्माण इकाइयों के रूप में कार्यरत, दुकानदार, फल/ सब्‍जी विक्रेता, हेयर क‍टिंग सैलून, ब्‍यूटी पार्लर, ट्रांसपोर्टर, ट्रक ऑपरेटर, हॉकर, सहकारिताएं या व्‍यक्तियों का निकाय, खाद्य सेवा इकाइयां, मरम्‍मत करने वाली दुकानें, मशीन ऑपरेटर, लघु उद्योग , दस्‍तकार, खाद्य प्रसंस्‍करण करने वाले, स्‍वयं सहायता समूह,10 लाख रुपये तक की वित्‍तीय अपेक्षा रखने वाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सेवा प्रदाता आदि तथा पेशेवर व्‍यवसायों/ उद्यमों/ इकाइयों में शामिल होंगे।

जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
  •  पहचान का प्रमाण - Identity proof – पैन कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंसे, वोटर id, आधार कार्ड, पासपोर्ट
  •  निवास का सबूत -Residence proof- हाल ही का टेलीफोन बिल, बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद (2 महीने से अधिक पुराना नहीं)
  •  Cast proof - एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक का सबूत(अगर है तो)
  • Proof of business / service (which you Appling loan for)-( एड्रेस प्रूफ) - ड्राइविंग लाइसेंस / पंजीकरण प्रमाणपत्र /   व्यापार इकाई के मालिकानापन, पहचान और पते से संबंधित अन्य दस्तावेजों की प्रतियां।
  •  मौजूदा बैंकर, यदि कोई हो, उसके खातों का विवरण(बैंक स्टेटमेंट) (पिछले छह महीनों के लिए)
    Note-Internet से download किया हुआ नहीं, proper bank पे जा कर या बैंक से certified कराया हुआ ब्योरा)
  •  आयकर / बिक्री कर रिटर्न आदि के साथ यूनिट के पिछले दो वर्षों की बैलेंस शीट। (2 लाख और इससे अधिक के सभी मामलों के लिए लागू)
  •  1 साल की अनुमानित बैलेंस शीट वर्किंग कैपिटल लिमिट के मामले में , अगर टर्म लोन है तो पूरी अवधि तक की अनुमानित बैलेंस शीट (2 लाख और इससे अधिक के सभी मामलों के लिए लागू)
  •  आवेदन जमा करने की तारीख तक मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त बिक्री।
  • Project Report – applicant जिस उद्योग / व्यापार / व्यवसाय के हेतु LOAN ले रहे है, उसमे कहाँ किस संसाधन की आवश्यकता है, लोन लेने से कितना अंदाजन (approx) मुनाफा होगा, और applicant कहाँ से सारे संसाधन (equipment) और सामाग्री (goods) खरीदना चाहेंगे, इन सब चीजों पर एक विस्तृत project तयार कर के documents के साथ submit करना होता है,
  •  पार्टनरशिप डीड (डॉक्यूमेंट)(पार्टनरशिप फर्म के मामले में) आदि  (भारतीय कंपनी धारे के मुताबिक registered कंपनी के सारे भागीदारों की भागीदारी का agreement)
  • Statement of asset & liability – यह लोन आवेदक (applicant) और आवेदक कंपनी companies को बिना guaranty मिलता है, इस लिये individual applicant और company applicant को मिल्कियत और ज़िम्मेदारी का ब्योरा देना आवश्यक होता है, (तीसरे पक्ष की गारंटी के अभाव में) नेट-लाईफ को जानने के लिए मांगा जा सकता है।
  •  मालिकों / पार्टनर्स के फोटो (दो प्रतियां)

लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया - STEPS TO GET LOAN


STEP 1 : आप इस लिंक से Mudra Loan Application Form डाउनलोड कर सकते हैं – https://goo.gl/B846y5
STEP 2 : Loan लेने के लिए आवेदक को सर्वप्रथम अपने आस-पास के बैंकों से संपर्क करके लोन की प्रक्रिया और Interest Rate सम्बन्धी पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए, लोन प्राप्त करने के लिए आपको एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता हैं और उसके साथ कुछ डाक्यूमेंट्स सबमिट करने होते हैं

STEP 3 : डाक्यूमेंट्स तैयार करना और एप्लीकेशन सबमिट करना
STEP 4 : Application Form Submit करने के बाद बैंक आपके डाक्यूमेंट्स की जांच करेगी, इस प्रक्रिया में कुछ दिनों का समय लग सकता हैं और Loan Processing की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आपको disbursement amount का check दे दिया जाएगा जो आवेदक के बैंक खाते मे जमा किया जाता है
ऐसे मिलेगा लोन - मुद्रा योजना के तहत लोन लेने की प्रक्रिया बेहद सरल है। आपको नजदीकी बैंक शाखा में संपर्क करना होगा। यहां आपको एक फार्म मिलेगा, जिसे भरकर जमा करना है। फार्म के आधार पर एक बार बैंक उस जगह का वेरिफिकेशन करेगा, जहां आपको काम शुरू करना है। वेरिफिकेशन होते ही सीधे लोन आपके खाते में भेज दिया जाएगा।
मुद्रा ऋण निकालने के लिए, एक आवेदक (अर्थात् एक उधारकर्ता) को पहले ऋण देने वाले अपने या अपने निकटतम बैंक की पहचान करनी होगी औरअपनी व्यापार की योजना के साथ व्यक्तिगत रूप से बैंक जाना होगा। ऋण आवेदन को एक व्यापक व्यापार की योजना, पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट तस्वीरों के साथ जमा करना होगा। एक बार सभी डॉक्यूमेंटेशन पूरी हो जाने के बाद, बैंक व्यापार की योजना और जरूरत की समीक्षा करेंगे। स्वीकृत होने पर, बैंक से ऋण मंजूर होगा।