आपकी पार्टनर बोल उठेगी, अब बस भी करो ना !



आपकी पार्टनर बोल उठेगी, अब बस भी करो ना !हर बैडरूम में कभी ना कभी वो पल आ ही जाता है जिससे हर पुरुष घबराता है और वो पल होता है जब पार्टनर को संतुष्ट किये बिना ही पुरुष स्खलित हो जाता है । सामान्यतः यह अवस्था अपने आप ही सही

हो जाती है किंतु यदि किसी कारणवश शीघ्रपतन का यह दौर ज्यादा दिनो तक चलता ही रहे तो चिंता होना स्वाभाविक ही है । इस समस्या के समाधान के लिये बहुत से प्रयोग और नुस्खे आपको बहुत सी जगह पढ़ने को मिल जाते हैं किंतु क्या उनसे वास्तव में सही समाधान हो पाता है ? शायद नही । लेकिन इस पोस्ट में दिया जा रहा यह प्रयोग बहुत से लोगो पर आजमाया हुआ और बहुत ही सटीक समाधान है । . 

इस प्रयोग के लिये आपको निम्नलिखित सामग्रियों की जरूरत पड़ेगी :-1 :- गाय का दूध
2 :- बादाम
3 :- सौंठ ( सूखी अदरक ) का पाउडर
4 :- छोटी इलायची का पाउडर
5 :- असली केसर . 

प्रयोग विधी :-10 गिरियॉ बादाम की लेकर रात भर के लिये एक कटोरी साफ पानी में भिगो दें । अगले दिन सुबह इन बादाम की गिरियों का छिलका उतार लें और इनको सिल-बट्टे पर पीसकर चटनी सी बना लें । 200 ग्राम गाय का दूध लें और ये पिसी हुयी बादाम की गिरियॉ डालकर थोड़ा सा गर्म कर लें । जब पीने लायक गर्म हो जाये तो इस दूध में एक चुटकी इलायची पाउडर और एक चुटकी असली केसर और 2 ग्राम सूखी अदरक का पाउडर मिलाकर अच्छे से चला लें । दूध को मीठा करने के लिये मिश्री अथवा देशी खाण्ड का प्रयोग करें । सेवन विधी :- यह तैयार दूध रोज सुबह एक बार ही पीना पर्याप्त है । यह दस दिन लगातार सेवन करने से ही अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देता है । स्वस्थ लोग भी इसका सेवन करके असीम ताकत को प्राप्त कर सकते हैं । कितने भी दिनो तक सेवन किया जा सकता है । ध्यान रखने वाली बात है कि दूध देशी गाय का ही लेना है और केसर भी असली ही होना चाहिये ।

मुँहासे दूर करने के लिये कुछ प्रभावी घरेलू उपाय




मुहांसे किसी के भी चेहरे की सुंदरता को खराब कर सकते हैं | युवावस्था में मुहांसे होना आम बात है | इस रोग में चेहरे पर लाल लाल दाने और फुंसी आने लगती है , जिससे चेहरा बहुत ही भद्दा दिखता है | ये मुख्यतया गलत खान पान के कारण होते हैं | पेट में अनावश्यक बढ़ी हुई गर्मी , असंतुलित जीवन शैली , बढ़ते प्रदुषण के कारण त्वचा तैलीय हो जाती है और मुहांसे होते हैं | चेहरे पर किसी प्रकार की एलर्जी ,संक्रमण तथा हार्मोनल असंतुलन भी इसका एक मुख्य कारण है | इस रोग से समाधान पाने के लिये यह जानकारी प्रकाशित आयुर्वेद, मेरठ के सौजन्य से पोस्ट की जा रही है ।



उपचार एवं नुस्खे -
चन्दन
चेहरे के किसी भी प्रकार के संक्रमण में चन्दन एक बेहद उपयोगी औषधि है | चन्दन , हल्दी पाउडर के मिश्रण को दूध में मिलाकर पेस्ट बना लें | आप चाहें तो चन्दन की मात्रा बढ़ा भी सकते हैं | इस पेस्ट को चेहरे पर सूखने तक लगाएं , उसके बाद चेहरा धो लें | इस प्रयोग से मुहासे कम होने लगेंगे |

जायफल
जायफल एक उत्तम मसाला और औषधि भी है | जायफल को पानी में घिसकर मुहासों से प्रभावित जगह पर लगाएं | इससे भी उपचार में आराम मिलेगा |

एलोवीरा
एलोवीरा का पौधा त्वचा संबंधी रोगों में बहुत फायदा पहुंचता है | एलोवेरा के पौधे को पानी में खूब उबाल लें | अब इसका पल्प निकाल कर चेहरे पर लगाएंऔर सूखने के पश्चात धो लें |

कपूर
कपूर को गुनगुने नारियल के तेल में अच्छी तरह मिला लें | इस तेल को मुहासों पर लगाएं | कई प्रयोगों में ये एक अच्छा उपचार साबित हुआ है |

बेसन
बेसन को छांछ के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें | अब इस पेस्ट को चेहरे पर हल्के-हल्के से रगड़कर अच्छी तरह चेहरा साफ़ कर लें | मुहांसों में फायदा होगा |

कायाकल्प - बेकार हो चुके शरीर को नया बल


सरल शब्दों में कायाकल्प का अर्थ होता है काया को नया जीवन देना । रोगों से बेकार हुये, और दूषित खान-पान यथा शराब आदि के सेवन से बेकार हो चुके शरीर को नया बल देने में यह काया कल्प प्रयोग बहुत ही उत्तम समाधान है । विशेष बात यह है कि जरूरी नही रोगी ही इसका सेवन करें, बॅळ्की ईसकों स्वस्थ व्यक्ति भी सेवन कर सकते हैं । पाइये जानकारी प्रकाशित आयुर्वेद, मेरठ के सौजन्य से ।

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ताजे, सुपक्व ऑवलें को लेकर ताजे जल से धोकर 3-4 ऑवलों को कद्दूकस पर घिस लें और कसे हुये ऑवले को सूती कपड़े में रखकर 15 मिलीलीटर रस निकाल लें । इस रस में 15 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करें । इसका सेवन प्रातः खाली पेट कुछ हल्का-फुल्का व्यायाम करने के बाद किया जाना चाहिये और फिर दो घण्टे तक कुछ नही खाना चाहिये, थोड़ा गुनगुना पानी पी सकते हैं । ताजे ऑवले के मौसम में इसको लगातार दो महीने तक सेवन करना चाहिये । सभी रोगों से बचे रहने के इच्छुक लोगों के लिये और रोगों से कमजोर हुये शरीर को पुनः बलशाली बनाने के लिये यह साधारण प्रयोग किसी अमृत से कम नही होता है ।
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अन्य रोगों में लाभ :-
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1 :- इसके सेवन से वीर्य समबन्धी रोग नष्ट होते हैं और पेशाब में धातु जाने की समस्या में भी परम लाभदायी सिद्ध होता है ।
2 :- इस प्रयोग से आमाशय को बल मिलता है और शरीर में नये रक्त का निर्माण होता है ।
3 :- इसके सेवन काल में यदि पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन किया जाये तो सम्पूर्ण वर्ष व्यक्ति पूर्ण क्षमता से स्त्री समागम के काबिल हो जाता है ।
4 :- मासिक की अनियमितता और कष्ट में इसका सेवन करने से बार बार डॉक्टर के पास जाने की आवश्यक्ता नही पड़ती है ।
5 :- आचार्य चरक का मानना है कि जगत में जितनी भी रसायन औषधियाँ हैं उनमें से ऑवला सर्वश्रेष्ठ होता है । महर्षि च्यवन द्वारा बनाया गया मुख्य योग च्यवनप्राश भी ऑवलें से ही प्रमुख रूप से बनाया जाता है ।

मोटापा बढ़ाये भी और मोटापा घटाये भी

शक्ति - सौन्दर्यवर्धक, महिलाओं के लिये चमत्कारी नाश्ता जो मोटापा बढ़ाये भी और मोटापा घटाये भी


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सर्दियों के मौसम में बहुत से स्वास्थय वर्धक गुणों से युक्त सेब और गाजर दोनों ही आसानी से उप्लब्ध होते हैं । इन दोनों के प्रयोग से एक तरफ जहॉ स्वास्थय में निखार लाया जा सकता है वही विशेष युक्ति से सेवन करने से मोटापे को कम भी किया जा सकता है और वजन को बढ़ाया भी जा सकता है । बहुत ही उत्तम जानकारी से भरा यह लेख जरूर पढ़िये प्रकाशित आयुर्वेद, मेरठ के सौजन्य से ।

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मोटापा घटाने के लिये :-
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साफ तरह से छीलकर धोयी गयी गाजर और उत्तम क्वालिटी का सेब छिलके सहित धोकर लेना है । दोनों को ही बराबर बराबर वजन में लेकर अलग अलग कद्दुकस कर लें । सुबह नहा धोकर नाश्ते में इन दोनों लच्छों को बारी बारी से एक एक चम्मच खूब चबाचबाकर भरपेट खाइये । इसके सेवन के बाद 2-3 घण्टे तक कुछ ना खाइये । इसके सेवन से जहॉ पूरे दिन के लिये पर्याप्त शक्ति शरीर को मिल जायेगी वहीं फाइबर की अच्छी मात्रा के कारण भूख भी जल्दी नही लगेगी । यह शरीर में नया रक्त बनायेगा और शक्ति-स्फुर्ति का संचार होगा । यह प्रयोग चेहरे पर चमक लाकर व्यक्तित्व को भी आकर्षक बनाता है ।
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वजन बढ़ाने के लिये :-
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ऊपर लिखा गया यही प्रयोग यदि दोपहर के भोजन के बाद किया जाये तो यह वजन कम होने के कारण होने वाली कमजोरी को बहुत जल्दी ठीक करता है । यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करके भोजन को बेहतर तरीके से हजम होने में बहुत मदद करता है । भोजन के बाद गाजर और सेब को कद्दुकस करके खाने से यह शरीर की रस-रक्त आदि सप्तधातुओं को सम्यक पोषण देकर गिरते वजन को नियंत्रित करता है और शरीर को सही वजन धारण करने में बहुत उत्तम लाभ कारी सिद्ध होता है ।
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प्रकाशित आयुर्वेद, मेरठ के सौजन्य से दी गयी यह जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा ।